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श्राद्ध पक्ष आज से शुरू, पितरों के तर्पण के लिए बेतवा के घाटों पर उमड़े श्रद्धालु | Pitru Paksha Shradh 2020

Shraddh Paksha starts from today, devotees gathered at the ghats of Betwa for the sacrifice of ancestors. Pitru Paksha Shradh 2020

भोपाल। श्राद्ध पक्ष या पितृ पक्ष की शुरुआत आज से हो गई है। पहले दिन बुधवार को विदिशा में बेतवा के घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पितरों का तर्पण करने पहुंचे। विद्वान आचार्यो ने पूरे विधान के साथ तर्पण कराया। पितरों का तर्पण करने के लिए सुबह करीब 5 बजे से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। सात बजे तक श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। पितृपक्ष का समापन 17 सितंबर को सर्व पितृ मोक्ष अमावस्या पर होगा। 19 साल बाद ऐसा संयोग बना है कि दो अश्विन अधिकमास होने से श्राद्ध के एक महीने बाद शारदीय नवरात्र शुरू होंगे। वैसे हर साल श्राद्ध पक्ष खत्म होते ही नवरात्र शुरू हो जाता था।

मां चामुण्डा दरबार के पुजारी गुरु पं. रामजीवन दुबे ने बताया कि श्राद्ध पक्ष के दौरान श्रद्धालु अपने पितरों को याद करते हुए उनके निमित्त तर्पण, श्राद्ध व पिंडदान कर अपनी श्रद्धा, आस्था और कृतज्ञता प्रकट करेंगे। बहुत से लोग उज्जैन, बनारस, इलाहबाद, हरिद्वार, त्र्यंबकेश्वर व गयाजी आदि स्थानों पर पिंडदान व कर्मकांड करेंगे। हालांकि कोरोना वायरस के कारण इस बार तीन स्थानों पर जाने के लिए लोगों को ट्रेन की सुविधा नहीं मिलेगी। श्रद्धालु उचित शारीरिक दूरी और सीमित लोगों के साथ भागवत कथा का आयोजन कर सकते हैं, पितृ पक्ष के पहले दिन मंगलवार से ही शहर के छोटे-बड़े तालाबों के घाटों पर तर्पण के जरिए जलांजलि देने की शुरूआत हुई, जो पितृमोक्ष अमावस्या तक जारी रहेगी।

16 की वजह 17 दिन के होंगे पितृ पक्ष

ज्योतिषाचार्य विनोद रावत ने बताया कि पितृ पक्ष इस बार 16 के बजाय 17 दिन के होंगे। इसकी वजह पूर्णिमा तिथि का एक सितंबर को अनंत चतुर्दशी की दोपहर से प्रारंभ होना है। जो लोग अपने पितरों के निमित्त पूर्णिमा से पितृ मोक्ष अमावस्या तक नियमित रूप से तर्पण और श्राद्ध आदि कर्मकांड करेंगे, उनके लिए पितृ पक्ष 17 दिन का रहेगा, जबकि जो लोग अगले दिन प्रतिपदा से तर्पण शुरू करेंगे, उनके लिए यह पक्ष 16 दिन का ही रहेगा।

श्राद्ध की तिथि

2 सितंबर- प्रतिपदा का श्राद्ध

3 सितंबर- द्वितीया का श्राद्ध

5 सितंबर – तृतीया का श्राद्ध

6 सितंबर – चतुर्थी का श्राद्ध

7 सितंबर- पंचमी का श्राद्ध, भरणी नक्षत्र का श्राद्ध

8 सितंबर- षष्ठी का श्राद्ध, कृत्तिका नक्षत्र का श्राद्ध

9 सितंबर – सप्तमी का श्राद्ध

10 सितंबर- अष्टमी का श्राद्ध

11 सितंबर- नवमी का श्राद्ध

12 सितंबर -दशमी का श्राद्ध

13 सितंबर – एकादशी का श्राद्ध

14 सितंबर – द्वादशी का श्राद्ध, संन्यासियों का श्राद्ध

15 सितंबर- त्रयोदशी का श्राद्ध, मघा नक्षत्र का श्राद्ध

16 सितंबर – चतुर्दशी का श्राद्ध

17 सितंबर – सर्वपितृ श्राद्ध

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