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दुनिया भर में कोविड-19 के 2 करोड़ 83 लाख से अधिक मामले, 9 लाख 13 हजार की मौत

Number of infected people crossed one lakh in the country, 5,242 new cases reported in 24 hours

दुनिया भर में कोविड-19 के 2 करोड़ 83 लाख से अधिक मामले, 9 लाख 13 हजार की मौत

वाशिंगटन। दुनिया भर में कोविड-19 का आंकड़ा 2 करोड़ 83 लाख से अधिक हो गया और मरने वाले संक्रमितों का आंकड़ा 9 लाख 13 हजार से अधिक है। यह आंकड़ा अमेरिका जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी ( Johns Hopkins University) ने शनिवार को जारी किया।

शनिवार सुबह तक दुनिया के तमाम देशों में कुल संक्रमितों की संख्या 2 करोड़ 83 लाख 31 हजार 1 सौ 21 है साथ ही अब तक इस घातक वायरस के कारण 9 लाख 13 हजार 15 लोगों की मौत हो चुकी है। यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर सिस्टम्स साइंए एंड इंजीनियरिंग (CSSE) ने अपने नवीनतम आंकड़े में यह जानकारी दी।

 

गरीबी पर कोरोना वायरस का सबसे खराब प्रभाव होना अभी बाकी: एक्सपर्ट्स

निर्धनता के संबंध में संयुक्त राष्ट्र के एक स्वतंत्र विशेषज्ञ ने आगाह किया है कि कोरोना वायरस महामारी का गरीबी पर सबसे बुरा प्रभाव होना अभी बाकी है तथा लोगों की सुरक्षा के लिए सरकारों द्वारा अब तक किए गए उपाय अपर्याप्त हैं। अत्यधिक गरीबी और मानवाधिकारों के संबंध में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद द्वारा विशेष रूप से नियुक्त बेल्जियम के कानूनी विशेषज्ञ ओलिवियर डे शटर ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा के लिए उपाय में कई कमियां हैं।

उन्होंने कहा, ‘ये मौजूदा उपाय आम तौर पर अल्पकालिक हैं, वित्तपोषण अपर्याप्त है और कई लोगों की मुश्किलें बढ़ेंगी।’ उनका यह संदेश इसी महीने होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक से संबंधित विश्व नेताओं के लिए था। शुक्रवार को जारी संयुक्त राष्ट्र के एक बयान के अनुसार उन्होंने गरीबी उन्मूलन और असमानता में कमी लाने के लिए और अधिक निर्णायक कदम उठाने का आह्वान किया। विशेषज्ञ ने कहा कि इस महामारी से उत्पन्न आर्थिक मंदी 1930 के दशक की महामंदी के बाद से अभूतपूर्व है।

उन्होंने आगाह किया कि गरीबी रेखा के लिए प्रतिदिन 3.20 डॉलर प्रति दिन के आधार पर दुनिया भर में 17.6 करोड़ अतिरिक्त लोग गरीबी के दायरे में आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि सरकारों ने मदद के लिए सामाजिक योजनाओं की बात की है लेकिन दुनिया के निर्धनतम लोग अक्सर उसके लाभ से बाहर रह जाते हैं क्योंकि वे डिजिटल साक्षर नहीं हैं या इंटरनेट तक उनकी पहुंच नहीं है।

 

 

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