मसूद अजहर पर चीन की हरकत से अमेरिका खासा नाराज , UN के राजदूत की चेतावनी- उठा सकते हैं ‘दूसरा कदम’

Masood Azhar warns that the United States can be upset with China's move, UN ambassador warns 'second step'

वॉशिंगटन। चीन ने वीटो लगातर आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को ‘वैश्विक आतंकी’ घोषित होने से तो बचा लिया है। मगर, उसकी इस हरकत से अमेरिका खासा नाराज है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक राजनयिक ने चीन को चेतावनी देते हुए कहा कि इससे दूसरे सदस्यों को ‘अन्य एक्शन लेने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इस बार ब्रिटेन, अमेरिका और फ्रांस की तरफ से मसूद के खिलाफ प्रस्ताव लाया गया था। मगर, चीन ने इस बार फिर पाकिस्तान और वहां पहने वाले आतंकी संगठनों से हमदर्दी दिखाई है। लिहाजा, यूएनएससी के जिम्मेदार सदस्यों को सख्त रुख अपनाना पड़ा है। नाम न छापने की शर्त पर राजयनिक ने कहा कि अमेरिका की तरफ से दिए गए कड़े संदेश में बीजिंग को कह दिया गया है कि यदि वह आतंकवाद से लड़ने के लिए गंभीर है, तो उसे पाकिस्तान और अन्य देशों के आतंकियों का बचाव नहीं करना चाहिए।

राजयनिक ने कहा कि यह चौथी बार है, जब चीन ने ऐसा किया है। चीन को समिति को वह कार्य करने से नहीं रोकना चाहिए, जिसे सुरक्षा परिषद ने करने के लिए सौंपा है। अगर चीन अड़ंगा लगाता रहा, तो जिम्मेदार सदस्यों देशों के सुरक्षा परिषद में अन्य एक्शन लेने पर मजबूर होने पड़ेगा। ऐसा नहीं होना चाहिए। बताते चलें कि मसूद के खिलाफ लाए गए प्रस्ताव की समयसीमा खत्म होने से ठीक पहले चीन ने प्रस्ताव पर ‘तकनीकी रोक’ लगा दी।
राजनयिक ने कहा कि चीन ने प्रस्ताव की पड़ताल करने के लिए और वक्त मांगा है। यह तकनीकी रोक छह महीनों के लिए वैध है और इसे आगे तीन महीने के लिए बढ़ाया जा सकता है। इस तरह एक बार फिर मसूद अजहर वैश्विक आतंकवादी घोषित होने से बच गया। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ‘‘1267 अल कायदा सैंक्शन्स कमेटी” के तहत अजहर को आतंकवादी घोषित करने का प्रस्ताव 27 फरवरी को फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका ने पेश किया था।

14 फरवरी को जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले में हुए आतंकी हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे। इस हमले का बदला लेने के लिए भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट में घुसकर जैश के ठिकानों को तबाह कर दिया था, जिसके चलते भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव पैदा हो गया था।