प्रदेश के 17 शहरों का न्यूनतम तापमान 5 डिग्री, बैतूल, पचमढ़ी में सबसे कम 1 डिग्री, खेतों में जमी बर्फ

प्रदेश के 17 शहरों का न्यूनतम तापमान 5 डिग्री, बैतूल, पचमढ़ी में सबसे कम 1 डिग्री, खेतों में जमी बर्फ
पूरे प्रदेश में कड़ाके की सर्दी, पचमढ़ी, बैतूल में बर्फ जमीं

भोपाल। मध्यप्रदेश के कई हिस्से शीतलहर की चपेट में है। लगभग पूरे प्रदेश में ही कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। भोपाल समेत प्रदेश के कई जिले शीतलहर की चपेट में हैं। बैतूल और पचमढ़ी के साथ ही खजुराहो में सबसे कम पारा रहा। यहां पर यहां पर तापमान 1.0 डिग्री दर्ज किया गया। रीवा, उमरिया, शाजापुर, उज्जैन और राजगढ़ समेत प्रदेश के 17 जिलों में न्यनतम तापमान 5 डिग्री से कम रिकॉर्ड किया गया। वहीं पचमढ़ी में सुबह पारा 1 डिग्री तक गिर गया जिससे मैदानी और खुले इलाकों में बर्फ की सफेद चादर नजर आई। उधर, बैतूल में भी ठंड ने 13 साल का रिकॉर्ड तोड़ा और यहां न्यूनतम तापमान 1 डिग्री दर्ज किया गया। खेतों में फसलों पर गिरीं ओस बर्फ की परतों में बदल गई।

नए साल तक जारी रहेगी शीतलहर :
मौसम विभाग के अनुसार शीतलहर नए साल में 3 जनवरी तक जारी रह सकती है। आने वाले 24 घंटे में ग्वालियर, चंबल, रीवा, सागर, शहडोल और उज्जैन संभागों के ज्यादातर जिलों के साथ ही जबलपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट, बैतूल, होशंगाबाद और धार शीतलहर की चपेट में रहेंगे। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर भारत में जारी बर्फबारी का असर मध्यप्रदेश में दिखाई दे रहा है। कड़ाके की सर्दी के साथ ही ठंडी हवाओं के पूरा प्रदेश ठिठुर रहा है। पिपरिया, होशंगाबाद में तो ठंड का जबर्दस्त असर दिखाई दे ही रहा है लेकिन पचमढ़ी में पारा माइनस 1 डिग्री तक लुढ़क गया। इसके चलते यहां कई इलाकोंं में बर्फ जम गई। पचमढ़ी में धूपगढ़ गोल्फ मैदान में बर्फ की चादर जम गई। सुबह गाड़ियों के ऊपर एवं कांच के ऊपर भी बर्फ जम गई। पेड़-पौधों और फसलों पर गिरी ओंस की बूंदें भी जम गईं। आलम ये है कि कड़ाके की सर्दी के चलते पूरे क्षेत्र में सड़कों पर आवाजाही कम ही दिखी। वहीं कुछ इलाकों में सुबह कोहरा छाया हुआ था। दिन में भी सूरज के दर्शन नहीं हुए।

इधर बैतूल में शनिवार को पारा गिरकर एक डिग्री पर पहुंच गया। इससे आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है। खेतों में फसलों पर बर्फ की परत जम गई। उत्तर भारत की तरफ से चल रही शीत लहर के चलते यहां बीते 13 साल में सबसे न्यूनतम तापमान एक डिग्री दर्ज किया गया है। यही वजह है कि यह इस सीजन की सबसे सर्द रात रही। कंपकंपा देने वाली ठंड के चलते लोगों को अलाव का सहारा लेना पड़ा।

मौसम विभाग आगामी दिनों में इससे भी कम तापमान गिरने की संभावना जता रहा है। बीते 2011 की 5 जनवरी को यह सबसे कम 2.2 न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया था। जबकि मौसम केंद्र के कर्मचारी बताते है कि बीते 13 सालों में इतनी सर्द रात कभी नही रही। न्यूनतम तापमान के गिरने के साथ ही यहां अधिकतम तापमान भी लगातार गिर रहा है। शुक्रवार को दिन में 22.2 डिग्री सेल्सियस रहा जिससे दिन में भी लोग ठंड महसूस कर रहे है।

मौसम केंद्र बैतूल में पदस्थ प्रयागराव ने बताया कि 13 सालों में पहली बार न्यूनतम तापमान एक डिग्री दर्ज किया है। गुरुवार की रात पारा जहां 2 डिग्री रिकार्ड किया गया था वहीं शुक्रवार को और लुढ़ककर 1 डिग्री पर आ गया।

यहां दर्ज किया गया 5 डिग्री से कम पारा :

दमोह – 3.0, जबलपुर – 3.8, बैतूल- 1.0, खजुराहो – 1.4, मंडला 4.0, नौगांव – 3.1, रीवा – 3.5, सतना- 5.0, सिवनी – 5.0, सीधी – 4.4, उमरिया- 1.7, भोपाल – 5.2, धार – 5.0, उज्जैन – 2.5, शाजापुर – 3.2, राजगढ़- 3.6, ग्वालियर – 3.6, पचमढ़ी – 1.0 डिग्री दर्ज किया गया।

एक हजार बीघा में गेहूं की फसल तबाह
देवास जिले के गांव नयापुरा, छतरपुरा में पाला गिरने करीब 1 हजार बीघा से अधिक की आलू की फसल पाला पड़ने से जल गई। साथ ही सैकड़ों बीघा की चने की फसल भी प्रभावित हुई है। तेज हवा व पाला गिरने से आलू के साथ ही चने की फसल भी प्रभावित हुई है। सुबह किसान जब खेत पर पहुुंचे तो देखा पाइप पर बर्फ की परत जमी थी और फसलों जल चुकी थी।
छतरपुरा के किसान काशीराम पाटीदार के 30 बीघा के आलू, जगदीश पाटीदार के 10 बीघा के आलू, हुकमचंद पाटीदार के 5 बीघा, तिलोक पाटीदार के पांच बीघा, अनिल पाटीदार के 3 बीघा सहित तकरीबन 500 बीघा आलू की फसल व 300 बीघा से ज्यादा की चने की फसल नष्ट हो गई। इसी प्रकार नयापुरा के बाबूलाल राणा, शांतिलाल पाटीदार, बाबूलाल पाटीदार, सागर पटेल सहित कई किसानों की सैकड़ों बीघा की फसल जल जाने से भारी मात्रा में नुकसान हुआ है।

इसी प्रकार बागली के चतुर्भुज भाटी 25 बीघा के आलू, मनोज पाटीदार के 20 बीघा, राजीव चौधरी के 10 बीघा के आलू के साथ ही 25 बीघा के चना, दिलीप पवार, सुभाष पाटीदार, बिहारीलाल पाटीदार के साथ ही मुकेश पंवार के 8 बीघा के आलू, 5 बीघा के चना व खेतों में लगाई सब्जी भी जल गई। इसी तरह अन्य गांवों के किसानों की आलू एवं चने की फसल भी पाले से जल गई। टोंकखुर्द तहसील के अधिकांश गांवों में चने, आलू की फसल को नुकसान पहुंचा। किसान हुकुमसिंह पटेल, बलदेवसिंह गुर्जर, अशोक भण्डारी आदि ने बताया ठंड से चने, आलू सहित अन्य फसल को नुकसान पहुंचा है।

ग्राम सिरोल्या व आसपास के क्षेत्र में ठंड से आलू-चने की फसल को काफी नुकसान हुआ है। सिरोल्या के किसान बाबूलाल चौधरी, रामप्रसाद चौधरी के खेत में लगाई आलू की फसल पाले से पूरी तरह झुलस गई। कमलापुर में क्षेत्र में चना, आलू, मक्का फसल सहित बैंगन, बालोर आदि सब्जियां पाले से जल गई। पालखा के किसान प्रेमसिंह दरबार की 20 बीघा की चने की फसल, देवनारायण यादव के 7 बीघा के चने, मनोहरलाल यादव, चम्पालाल यादव के 2-2 बीघा के चने, कमलापुर के मोयनुद्दीन कुरैशी के 5 बीघा के आलू, दोस्तपुर में लालबाई गोरधन यादव के 20 बीघा के आलू की फसल जल गई।

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