देश को राजा-महाराजा नहीं, चौकीदार चाहिए : पीएम मोदी

The country needs not a king-king, a watchman: PM Modi

‘मैं भी चौकीदार’ कार्यक्रम में पीएम मोदी ने में विपक्ष के आरोपों का दिया जवाब

नई दिल्ली। चुनावी अभियान शुरू कर चुके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मैं भी चौकीदार’ कार्यक्रम में विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया। साथ ही अपने पांच साल के काम का हिसाब और अगले पांच साल के लिए कार्यक्रमों की रूपरेखा भी रखी। भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े रुख का इजहार करते हुए उन्होंने कहा कि जनता के पैसों पर पंजा नहीं पड़ने दूंगा। बालाकोट में हवाई हमले का श्रेय सेना के जवानों को देते हुए उन्होंने बताया कि कैसे पहली बार आतंकवाद के उद्गम पर प्रहार किया गया। बहुत सारा समय इंडिया-पाकिस्तान में निकाल दिया। आतंकियों को पनाह देने वाला अपनी मौत मरेगा, हमें आगे निकलना है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि देश की जनता चौकीदार को पसंद करती है, उसे राजाओं, महाराजाओं की जरूरत नहीं है। चौकीदारी को जागरूकता और सतर्कता का प्रतीक बताते हुए बताया कि कैसे एक सजग नागरिक विपक्ष के झूठ का पर्दाफाश कर सकता है। मिशन शक्ति पर सवाल उठाने वालों को भी आड़े हाथ लिया। अगले पांच सालों के लिए फिर से स्पष्ट बहुमत के साथ मजबूत सरकार की जरूरत बताते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि किस तरह पिछला पांच साल पुराने गढ्डों को भरने में निकल गया। अब उन पर भव्य इमारत खड़ी करने का काम बाकी है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि तमाम अड़चनों के बावजूद भ्रष्टाचार के आरोपितों को जेल के दरवाजे तक तो पहुंचा दिया गया है, अब उन्हें कड़ी सजा सुनिश्चित की जाएगी। उनके अनुसार, पहले कार्यकाल में उनका जोर आम लोगों की बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा, आवास जैसी जरूरतों को पूरा करने पर रहा। इसी के तहत हर घर में शौचालय से लेकर बिजली का कनेक्शन, उज्ज्वला के तह गैस सिलेंडर, मुफ्त इलाज जैसी सुविधाएं मुहैया कराई गई।
आवश्यकताएं पूरी हो जाने के बाद आम लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने का काम शुरू किया जाएगा। इसी तरह 2022 तक सभी गरीबों को पक्का मकान, किसानों की आमदनी को दोगुनी करने और देश को पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाकर विकसित देशों की कतार में पहुंचाने का लक्ष्य है। देश भर में 500 जगहों पर करीब 5000 ‘चौकीदारों’ के साथ प्रधानमंत्री रूबरू हुए। भाजपा के वरिष्ठ नेता भी अलग-अलग जगहों पर उपस्थित रहे।

राष्ट्र और उसका सम्मान सर्वोपरि
प्रधानमंत्री ने बालाकोट में एयर स्ट्राइक का पूरा श्रेय सेना के जवानों को देते हुए कहा कि देश कई दशक से आतंकवाद का दंश झेल रहा था। सभी जानते थे कि आतंकी कहां से आते हैं और उन्हें ट्रेनिंग कहां मिलती है। लेकिन पहली बार आतंकवादियों को उनकी पनाहगाह में घुसकर मारने का काम किया गया। उन्होंने साफ किया कि राजनीतिक नफा-नुकसान की सोच बेमानी है और उनके लिए राष्ट्र और उसका सम्मान सर्वोपरि है।

दुनिया को मालूम हो भारत की शक्ति
मिशन शक्ति को कांग्रेस के कार्यकाल में सार्वजनिक नहीं करने के बयान पर कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम को आड़े हाथ लिया। कहा कि जब अमेरिका, रूस और चीन इसे सार्वजनिक कर चुका है तो भारत क्यों नहीं करेगा। इसी तरह भारत ने पोखरण में परमाणु परीक्षण की बात भी सार्वजनिक की थी। मोदी ने कहा कि यदि भारत के पास शक्ति है तो उसके बारे में दुनिया को मालूम भी होना चाहिए।

अवार्ड किसी ने वापस नहीं किया
उन्होंने बताया कि आरक्षण खत्म करने, चर्च पर हमले से लेकर असहिष्णुता जैसे कई झूठ कांग्रेस और उसके समर्थकों की ओर से समय-समय पर फैलाए गए। असहिष्णुता का हौवा खड़ा करने के लिए अवार्ड वापसी का अभियान भी चलाया गया, लेकिन हालात यह है कि आजतक एक ने भी न तो अवार्ड वापस किया है और न ही अवार्ड में मिली धनराशि वापस की है।

गरीबी पर सिर्फ नारा दिया कांग्रेस ने
प्रधानमंत्री ने झूठ के पर्दाफाश करने के साथ ही कांग्रेस द्वारा किए जा रहे झूठे वायदों से बचने की भी नसीहत दी। उन्होंने बताया कि किस तरह पहले प्रधानमंत्री से लेकर नेहरू से लेकर गांधी परिवार ने आजतक गरीबी हटाओ के नारे के नाम पर गरीबी बढ़ाने का काम किया है। कांग्रेस के शासन में सरकारी खजाने की लूट की बानगी पेश करते हुए उन्होंने कहा कि कैसे आठ करोड़ फर्जी लोगों नाम पर एक करोड़ 15 लाख सालाना की सब्सिडी लूटी जा रही थी। जिनकी जेब में लूट की रकम जा रही थी, वही हमारा विरोध कर रहे हैं।