यमन में द्रोहियों ने ग्रामीण अस्पताल को बनाया निशाना, एयर स्ट्राइक में सात लोगों की मौत

संयुक्त राष्ट्र। उत्तर पश्चिम यमन के एक ग्रामीण अस्पताल में हवाई हमले में सात लोगों की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए। मरने वालों में चार मासूम बच्चे भी शामिल हैं। यह जानकारी सेव द चिल्ड्रन ने दी है। अंतरराष्ट्रीय सहायता संगठन, सेव द चिल्ड्रन ने बताया कि यह मिसाइल मंगलवार को स्थानीय समयानुसार 9.30 बजे साडा शहर से करीब 100 किलोमीटर की दूरी पर अस्पताल के प्रवेश द्वार पर दागी गई। संगठन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हेलिंग थोरिंग ने कहा कि इस तरह के हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का सरासर उल्लंघन है। थोरिंग ने कहा कि इस हमले से हम स्तब्ध हैं। उन्होंने कहा कि घनी आबादी वाले इस अस्तपाल में अंधाधुंध हमले होते हुए हम लोगों ने देखा। इसमें मासूम बच्चे और स्वास्थ्य कार्यकतार्ओं ने अपनी जान गंवाई है।

बता दें कि यमन में इस संघर्ष की शुरूआत वर्ष 2014 में राजधानी सना के ईरानी समर्थित हौथी शिया विद्रोहियों के कब्जे के साथ प्रारंभ हुआ। इसके बाद अबेद रब्बो मंसूर हादी की सरकार को गिरा दिया गया। हादी की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार वर्ष 2015 से हौथियों से लड़ रही है। यहां अब तक कई हवाई हमले हो चुके हैं। इन हमलों में स्कूलों, अस्पतालों और शादी पार्टियों में हजारों यमन नागरिक मारे गए। इसमें कई मासूम और महिलाएं भी शामिल हैं। इस संघर्ष में हजारों नागरिक बेघड़ हो गए हैं। नागरिकों के समक्ष भोजन और चिकित्सा का संकट खड़ा हो गया है।