संदीप तेल हत्याकांड: गैंगस्टर सतीश भाऊ के गुर्गों पर हत्या का शक

संदीप तेल हत्याकांड: गैंगस्टर सतीश भाऊ के गुर्गों पर हत्या का शक

हत्याकांड का मुख्य संदेही रोहित शेट्टी बार-बार बदल रहा लोकेशन
पुलिस ने उसकी पत्नी को लिया हिरासत में

इंदौर। संदीप तेल हत्याकांड में जांच जिस दिशा तक पहुंची है, उससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि पुलिस मामले के खुलासे के करीब पहुंच गई है। हत्याकांड का मुख्य संदेही रोहित सेठी बार-बार लोकेशन बदल रहा है। पुलिस ने रोहित की पत्नी को हिरासत में लिया है। उधर, रोहित के साथी मनोहर वर्मा ने कबूल किया है कि संदीप और रोहित के बीच 19 करोड़ के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। मामले में रोहित सेठी के शामिल होने का शक और गहरा गया है।

बार-बार लोकेशन बदल रहा रोहित
इसके बाद पुलिस ने रोहित के घर की छानबीन की। उसकी पत्नी को हिरासत में लिया और एसआरचैनल का दफ्तर सील कर दिया। पुलिस को जांच में पता चला है कि रोहित दो दिन पहले तक इंदौर में ही था। अचानक बुधवार दोपहर के बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। पुलिस ने पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पता चला कि वह घर पर भोपाल जाने का बोलकर निकला था। उसके बाद से मोबाइल बंद हो गया और उससे कोई संपर्क नहीं हुआ।

19 करोड़ के लेन-देन को लेकर चल रहा था विवाद
जब पुलिस ने रोहित के साथी मनोहर वर्मा से पूछताछ की तो उसने बताया कि रोहित ने संदीप को रुपए के बदले जमीन देने की बात कही थी। रोहित ने जमीन के दाम बढ़ाकर बताए। बाद में जमीन व रुपए दोनों देने से मना कर दिया। वर्मा ने कहा कि वह वारदात के वक्त एक दोस्त के यहां पर था। शाम 7.30 बजे व्हाट्एसएप के माध्यम से घटना की सूचना मिली। वर्मा ने हत्या में हाथ होने से इनकार किया है। पुलिस ने गुरुवार को संदीप के ड्राइवर अमित बेरवा, पूर्व कर्मचारी दीपक, दोस्त सुमित अवस्थी से भी पूछताछ की। इसके बाद पुलिस ने बब्बर चिकना, अल्पेश चौहान व सुमित सिरोलिया की तलाश शुरू कर दी। पुलिस ने मनीष शर्मा को हिरासत में ले लिया है।

हत्यारे उज्जैन की ओर से आए थे, भोपाल की ओर भागे
पुलिस के मुताबिक गाड़ी में तीन लोग थे। दो शूटर और एक गाड़ी चालक। तीनों ही भौंरासला (उज्जैन रोड) की ओर से गलियों में घुमते हुए विजयनगर चौराहे तक पहुंचे। हत्या के बाद वे भोपाल की ओर भागे।

सतीश भाऊ के गुर्गे चिकना और चिकलिश पर शक
पुलिस को जांच में यह भी पता चला कि रावजी बाजार क्षेत्र के बदमाश गब्बर चिकना उर्फ राजेश सोनकर व रवि चौहान उर्फ रवि चिकलिश का भी हत्या में हाथ हो सकता है। दोनों बदमाश गैंगस्टर सतीश भाऊ गिरोह के लिए काम करते हैं। गब्बर से कुछ दिनों पूर्व संदीप का विवाद भी हुआ था। संदीप ने उसे कमरे में बंद कर पिटाई कर दी थी। मेघदूतनगर निवासी चिकलिश शार्प शूटर है।

हत्या के पीछे सैकड़ों करोड़ का फायदा
संदीप की हत्या के पीछे सैकड़ों करोड़ का लेनदेन सामने आ रहा है। संदीप ने पिनेकल ड्रीम व डिजायर में करोड़ों रुपए निवेश किए थे। बिल्डर आशीष दास को भी करोड़ों रुपए ब्याज पर दिए थे। संदीप की हत्या के बाद बदमाशों के दो स्वार्थ पूरे हो रहे हैं। पहला पिनेकल से संदीप को बाहर करना, दूसरा बिल्डरों से अवैध वसूली करना।

ब्याज, वसूली-सट्टे और डिब्बे से संदीप बना अरबपति
संदीप ने बहुत कम समय में अरबों रुपए कमा लिए थे। उसकी पहचान सट्टा किंग के रूप में भी थी। तत्कालीन एएसपी रमणसिंह सिकरवार की टीम ने उसे क्रिकेट सट्टा लगाने और नकली नोट के आरोप में पकड़ा था। संदीप एक बार पुलिस को चकमा देकर दीवार कूद गया था। तत्कालीन आईजी संजय राणा ने भी संदीप के खिलाफ कार्रवाई की थी। वह बिल्डरों को करोड़ों रुपए उधार देकर तगड़ा ब्याज वसलूता था। सट्टे, ब्याज के साथ वह डिब्बा कारोबार में भी लिप्त था। एसपी (पूर्वी) अवधेश गोस्वामी के मुताबिक, संदीप के खिलाफ 11 आपराधिक केस दर्ज होने की जानकारी मिली है। पुलिस साथियों की भी भूमिका जांच रही है।