राष्ट्रपति कोविंद ने 10 फीसद आरक्षण बिल पर लगाई मुहर

राष्ट्रपति कोविंद ने 10 फीसद आरक्षण बिल पर लगाई मुहर

नई दिल्ली। सामान्य वर्ग के आर्थिक रुप से पिछड़े लोगों को दस फीसद आरक्षण से जुड़े विधेयक को शनिवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी अपनी मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही आरक्षण से जुड़े इस विधेयक ने कानून का रूप ले लिया है। संसद के दोनों सदनों से पारित होने के बाद इस विधेयक को सिर्फ राष्ट्रपति से मंजूरी मिलना बाकी रह गया था। सामाजिक समरसता को मजबूती देने वाले इस विधेयक को राष्ट्रपति के पास सुबह ही भेजा गया। जिसे उन्होंने शाम तक मंजूरी भी दे दी। इसके साथ ही सरकार ने इसे लेकर तुरंत अधिसूचना भी जारी कर दी है।

इससे पहले इस विधेयक को राज्यसभा के सभापति वैंकेया नायडू के हस्ताक्षर के लिए एक विशेष संदेशवाहक के जरिए नेल्लोर (आंध्र प्रदेश) भेजा गया था। खास बात यह है कि सामान्य वर्ग के गरीब लोगों को यह आरक्षण पहले से दिए जाने वाले आरक्षण कोटे के अतिरिक्त दिया गया है। इसके चलते पहले से मिल रहे आरक्षण कोटे में कोई बदलाव नहीं होगा। इसके साथ ही पांच दिनों के भीतर इस विधेयक को कानून की शक्ल में लाने के पीछे सरकार की यह संदेश देने की भी कोशिश है, कि यदि मजबूत इच्छाशक्ति हो, तो रास्ते में कोई अड़चन नहीं आएगी।

चाहें तो पैमाना 5 लाख भी कर सकते हैं राज्य

चर्चा के दौरान कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने विपक्ष से कहा था- आप विधेयक में 8 लाख की आय सीमा पर सवाल उठा रहे हैं। लेकिन बिल में प्रावधान है कि राज्य अपनी मर्जी से जनरल कैटेगरी के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों का पैमाना तय कर सकेंगे। उदाहरण के लिए किसी राज्य को लगता है कि आमदनी का पैमाना 8 लाख रुपए नहीं 5 लाख रुपए होना चाहिए तो वह ऐसा कर सकेगा। संवैधानिक संशोधन के जरिए राज्यों को यह निर्णय करने का अधिकार रहेगा।

यह आरक्षण राज्य सरकारों की नौकरियों और कॉलेजों पर भी लागू होगा
रविशंकर प्रसाद ने कहा था- यह आरक्षण सिर्फ केंद्र सरकार की नौकरियों या केंद्रीय शैक्षणिक संस्थानों पर लागू नहीं होगा। यह राज्य सरकारों की नौकरियों और कॉलेजों पर भी लागू होगा। आप हमसे सवाल पूछ रहे हैं कि अभी इस बिल को क्यों ला रहे हैं। आपको किसने रोका था इस बिल को लाने के लिए? हम सभी राजनीतिक कार्यकर्ता हैं और मैं मानता हूं कि इस मुद्दे को समझने की कोशिश सभी ने की है। गांव में जाइए और आपको पता चलेगा कि अगड़े वर्ग के लोग भी गरीब हैं।

आरक्षण का फायदा चाहिए तो तैयार रखें ये दस्तावेज
आधार कार्ड: आधार कार्ड भारतीय नागरिक होने की पहचान है। इसे नौकरी में अनिवार्य कर दिया गया है।
पैन कार्ड: वर्तमान में पैन कार्ड भी सभी नौकरी और सेवाओं के लिए अनिवार्य कर दिया गया है।
आय प्रमाण-पत्र: आरक्षण आर्थिक आधार पर है इसलिए माता-पिता की आय का प्रमाण-पत्र बनवाना होगा।

किसे मिलेगा लाभ
ऐसे परिवार, जिसकी सालाना आय आठ लाख या उससे कम होगी।
जिनके पास पांच एकड़ या उससे कम कृषि योग्य भूमि है।
ऐसे परिवार जिनके पास एक हजार वर्ग फीट या उससे कम का फ्लैट है।
अधिसूचित नगरीय क्षेत्र में जिनके पास 109 गज का प्लॉट है।
गैर-अधिसूचित नगरीय क्षेत्र में 209 या उससे कम का प्लॉट है।
जो अभी तक किसी भी तरह के आरक्षण के अंतर्गत नहीं आते थे।