अबुझमाड़ में नक्सलियों ने की 5 ग्रामीणों की हत्या, 31 परिवारों को गांव से निकाला

Naxalites killed 5 villagers, abducted 31 families in Abuzamad

जनअदालत लगाकर दे रहे सजा
नारायणपुर। अबुझमाड़ में नक्सलियों ने 5 ग्रामीणों को मौत के घाट उतार दिया है। नक्सलियों को शंका थी कि ये ग्रामीण मुखबिरी का काम करते हैं। इतना ही नहीं नक्सलियों ने 8 गांवों के 31 परिवार के लोगों को भी गांव से निकाल दिया है। फिलहाल प्रशासन ने इन ग्रामीणों को मुख्यालय क्षेत्र में शरण दी है। जानकारी के मुताबिक छत्तीसगढ़ के धुर नक्सली क्षेत्र कहलाने वाले अबूझमाड़ में नक्सलियों ने बड़ी घटना को अंजाम दिया। यहां नक्सलियों ने 5 ग्रामीणों को मौत के घाट उतार दिया। नक्सलियों ने पुलिस का खबरी होने का आरोप लगाते हुए कई ग्रामीणों को बेरहमी से पीटा भी। इसके अलावा 8 गांव से 31 परिवार को गांव से बाहर निकाल दिया। एक जन मिलिशिया नक्सली पर सरेंडर करने का आरोप लगाकर उसकी जमकर पिटाई भी की। बाद में ये पीड़ित पुलिस के पास पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।

मंगलवार को जिला मुख्यालय पहुंचे पीड़ित ग्रामीणों ने एसपी से मुलाकात कर आप बीती सुनाई और मदद की गुहार लगाई। जिला प्रशासन ने फिलहाल इन ग्रामीणों को माड़िया समाज के भवन में ठहराया है। यहां ग्रामीण खुले में ही सोने, खाने को मजबूर हैं। इन ग्रामीणों में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे हैं।

ग्रामीणों ने नईदुनिया से चर्चा में बताया कि नक्सलियों ने कदेर में जनअदालत लगाकर लखमा पिता सोनू और पारस पिता गिल्लू को बेहरमी से डंडों से पीटकर मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद नक्सली 5 किलोमीटर दूर टाहाकाडोंड पहुंचे और वहां के 2 युवकों पाण्डू पिता गिल्लु और मंगलू पिता मससु पर मुखबिरी का आरोप लगाकर की भी हत्या कर दी। वहीं तीसरी घटना के बारे में जानकारी देते हुए मृतक की पत्नी गोरे वड्डे ने बताया कि नक्सलियों ने उनके पति पर पुलिस का खबरी होने का आरोप लगाया। इसके बाद वे उसे पकड़कर अपने साथ ले गए। वहीं गांव में जनअदालत लगाकर जान से मार दिया।

ग्रामीणों ने बताया कि नक्सली केडर में फेरबदल होने के बाद बहुत से नए चेहरे भी उन्हें देखने को मिले हैं। जानकारी मिली है कि अधिकांश नक्सली दूसरे प्रदेशों से यहां आए हैं। नक्सलियों द्वारा मेटानार, तुड़को, टाडोबेडा, तुमिरादी, कदेर, ब्रहबेडा, टाहकाडोंड और गारपा के ग्रामीणों को गांव से बेदखल किया। फिलहाल प्रशासन ने इनके लिए अस्थायी व्यवस्था की है।
वहीं टाहकाडोंड के ग्रामीण सन्नू को पुलिस के पास जाकर सरेंडर करने का आरोप लगाकर नक्सलियों द्वारा पकड़कर जंगल की ओर ले जाया जा रहा था, लेकिन वह मौका पाकर भागने में सफल रहा।

इस मामले में एसआई मोहित गर्ग का कहना है कि पीड़ित ग्रामीणों की रिपोर्ट के आधार और नक्सलियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। टाहाकाडोंड और तुड़को कि घटना में 3 लोगों की हत्या का मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि कदेर के में 2 लोगों की हत्या की भी सूचना मिली है, लेकिन अभी तक पीड़ित परिवार की ओर से थाने में एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है।