लोकसभा चुनाव 2019: मप्र में सभी सीटें जीतने राहुल गांधी का फॉर्मूला अपनाएगी कांग्रेस

Congress ready to give chance to new faces in Lok Sabha elections

-उप्र की तर्ज पर मप्र में भी होगा काम
– विधायकों को लोकसभा के लिए नहीं मिलेगा टिकट
-फरवरी के आखिरी तक प्रत्याशियों के नाम का ऐलान कर देगी

भोपाल। प्रियंका गांधी के सियासत में सक्रिय होने के बाद कांग्रेस पार्टी उत्साह से लबरेज दिख रही है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश के दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया को पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कमान सौंपी है। वहीं उत्तर प्रदेश के बाद कांग्रेस की नजर अब मध्य प्रदेश पर है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के फॉमूर्ले के आधार पर चयन करके पार्टी फरवरी अंत तक या मार्च के पहले सप्ताह में सभी सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर सकती है। इसी क्रम में प्रदेश प्रभारी ने संकेत दिए हैं कि एमपी में भी कांग्रेस राहुल गांधी के फॉमूर्ले पर काम करेगी। दरअसल, प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया राहुल गांधी के खास माने जाते हैं। विधानसभा चुनाव से पहले राहुल गांधी ने उन्हें मध्य प्रदेश भेजा था। अब लोकसभा चुनावों के लिए भी बाबरिया ने कमर कस ली है। इसी क्रम में उन्होंने कहा कि कांग्रेस सभी 29 सीटों को जीतने का लक्ष्य बना रही है। उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी किसी भी विधायक को लोकसभा के लिए टिकट नहीं देगी। बाबरिया ने बताया कि कांग्रेस फरवरी के आखिरी तक प्रत्याशियों के नाम का ऐलान कर देगी। बाबरिया की यह बात इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले दिनों राहुल गांधी की भोपाल रैली में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सभी सीटों पर जीत के लिए कार्यकर्ताओं को तैयार रहने के संकेत दिए थे। अब तक प्रदेश में बीस से चौबीस सीटें जीतने का दम भर रहे कांग्रेस नेताओं ने अब सभी 29 सीटें जीतने का टास्क दिया है।

– चार बिंदुओं को बनाया जाएगा आधार
सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी के भोपाल प्रवास के बाद मुख्यमंत्री निवास में प्रत्याशी चयन के फॉमूर्ले पर मंथन हुआ है। इस बैठक में प्रत्याशी चयन के लिए फॉमूर्ले पर सहमति बनी है। फॉमूर्ले के तहत चार बिंदुओं के आधार पर उम्मीदवार का नाम फाइनल किया जाएगो पिछले दिनों राहुल गांधी किसान आभार सम्मेलन के लिए जब भोपाल आए तो विमानतल पर उन्होंने करीब एक घंटा बिताया। सूत्रों के मुताबिक यहां उन्होंने मुख्यमंत्री कमलनाथ, सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया और एआईसीसी महासचिव व प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया से चर्चा भी की। इसमें राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव में उतारे जाने वाले प्रत्याशियों को लेकर नेताओं को लाइन दी थी जिस पर उसी रात मुख्यमंत्री निवास में चुनिंदा नेताओं की बैठक हुई। जिसमे प्रत्याशी चयन के फॉर्मूल तय करने पर चर्चा की गई।

– लगातार दो बार चुनाव हारने वालों को नहीं मिलेगा टिकट
सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में मोटे तौर पर राय बनी कि जो लोग लगातार दो या इससे ज्यादा चुनाव हार चुके हैं, उन्हें टिकट नहीं दिया जाए। फॉमूर्ले की दूसरी महत्वपूर्ण राय वर्तमान विधायकों में से किसी को भी टिकट नहीं दिया जाए। फॉमूर्ले के तहत तीसरा बिंदू दूसरे राजनीतिक दलों या अन्य क्षेत्रों से चुनाव के पहले आ रहे लोगों से टिकट देने का वादा नहीं किया जाया और उन्हें अंतिम विकल्प के रूप में ही प्रत्याशी बनाया जाए। इसी तरह बैठक में आम राय बनी कि जो भी नेता जिस प्रत्याशी की सिफारिश करता है तो उसके हारने पर सिफारिश करने वाले नेता के रिकॉर्ड में दर्ज किया जाए। भविष्य में चुनाव में उस नेता की सिफारिश के दौरान उस रिकॉर्ड को भी देखा जाए।

– जोर-शोर से प्रचार करने पर जोर
सभा से पहले राहुल गांधी ने भी पार्टी नेताओं के साथ मीटिंग के दौरान यह बात रखी थी। राहुल गांधी ने रैली से पहले नेताओं के साथ अलग से चर्चा कर कांग्रेस सरकार के फैसलों और उस पर हुए अमल का जोरशोर से प्रचार कर सभी सीटें जीतने के लक्ष्य पर काम करने को कहा है। अगर मध्य प्रदेश में पिछले लोकसभा चुनावों की बात करें तो मोदी लहर के कारण कांग्रेस और दूसरे दलों का वोट बैंक खिसक कर बीजेपी के खाते में चला गया था। बीते चुनाव में 54.8 फीसदी वोट बैंक के साथ बीजेपी ने 27 सीटें जीती थी, जबकि कांग्रेस को महज दो सीट मिली थी। बीजेपी को कांग्रेस से 19 फीसदी ज्यादा वोट शेयर हासिल हुए थे।

भाजपा से पहले प्रत्याशी घोषित करने की तैयारी
विधानसभा चुनाव में मिली जीत से उत्साहित कांग्रेस अब लोकसभा चुनाव के लिए तैयारियों में जुट गई है। प्रत्याशी चयन को लेकर कवायद तेज हो गई है। पार्टी भाजपा से पहले अपने प्रत्याशी घोषित करने की तैयारी में है। जिस प्रकार विधानसभा चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव को उतारा गया था, उसी तरह लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस किसी भी सीट पर भाजपा को वॉकओवर नहीं देगी। अब तक इंदौर, भोपाल, विदिशा जैसी सीटों पर अभी तक भाजपा को वॉकओवर मिलता आया है। लेकिन इस बार सभी 29 सीटों पर पार्टी जिताऊ और दमदार चेहरे उतारने की तैयारी कर रही है। लोकसभा चुनाव मई में होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के फॉमूर्ले के आधार पर चयन करके पार्टी फरवरी अंत तक अपने प्रत्याशी घोषित कर सकती है। वह भाजपा से मनोवैज्ञानिक रूप से बढ़त लेना चाहती है। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी दीपक बावरिया के मुताबिक पार्टी इसकी तैयारी कर रही है। 15 फरवरी को कांग्रेस नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद का एक दल लोकसभा चुनाव को लेकर प्रदेश में आएगा। यह दल प्रदेश से जुड़े मुद्दों को पार्टी के राष्ट्रीय घोषणा-पत्र में शामिल करने के मुद्दे पर प्रदेश के नेताओं से विचार-विमर्श करेगा। इस दौरान लोकसभा चुनाव को लेकर रणनीति भी बनेगी।

सभी 29 सीटों पर फोकस
राहुल ने भोपाल में आभार सम्मेलन के दौरान वरिष्ठ नेताओं को साफ कर दिया है कि प्रदेश की सभी 29 सीटों को फोकस करें। पहले प्रदेश कांग्रेस 15 से 18 सीटों को लेकर रणनीति बना रही थी। अभी कांग्रेस के पास महज रतलाम-झाबुआ, गुना और छिंदवाड़ा सीटें हैं। राहुल ने कहा- किसी भी सीट पर वॉकओवर नहीं दिया जाएगा। इसके चलते कांग्रेस बरसों से कमजोर सीटों पर नए सिरे से चेहरे तय करने पर मंथन कर रही है। पार्टी विदिशा, भोपाल और इंदौर में बड़े चेहरे या सरप्राइज फेस को लाने पर भी विचार करेगी।