भारत ने अंतरिक्ष में 300 किमी की ऊंचाई पर सैटेलाइट को बनाया निशाना, ऐसा करने वाला चौथा देश बना

India has targeted the satellite at a height of 300 km in space, making it the fourth country.

भारत ने सैटेलाइट मार गिराने की ताकत हासिल की
चीन पर नजर, भारत ने ‘मिशन शक्ति’ से अंतरिक्ष में दिखाई अपनी ताकत

नई दिल्ली। भारत ने स्पेस में अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए ‘मिशन शक्ति’ के जरिए बुधवार को अंतरिक्ष में एक लाइव सैटेलाइट को मार गिराया। इस सफल परीक्षण के साथ ही भारत उन 4 देशों की लिस्ट में शामिल हो गया है, जो अंतरिक्ष में सैटलाइट को मार गिराने की क्षमता रखते हैं। भारत ने यह परीक्षण ऐसे समय पर किया है जब चीन लगातार अंतरिक्ष में अपनी ताकत बढ़ा रहा है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक भारत ने सुबह 11 बजकर 16 मिनट पर ए-सैट का परीक्षण किया। ए-सैट ने 300 किमी की ऊंचाई पर एक पुराने सैटेलाइट को निशाना बनाया जो अब सेवा से हटा दिया गया है। यह पूरा अभियान मात्र 3 मिनट में पूरा हो गया। इस सैटलाइट किलर मिसाइल के महत्व का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसकी घोषणा खुद पीएम मोदी ने की। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘कुछ ही समय पहले भारत ने एक अभूतपूर्व सिद्धि प्राप्त की है। भारत ने दुनिया में अंतरिक्ष महाशक्ति के तौर पर नाम दर्ज करा दिया है। अब तक अमेरिका, रूस और चीन को ही यह उपलब्धि थी। अब भारत इस क्षमता हासिल करने वाला चौथा देश है।’

भारत ने यह क्षमता वर्ष 2012 में ही हासिल कर ली थी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन ने जब 2007 में एंटी सैटेलाइट मिसाइल का परीक्षण शुरू किया, तब तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल दीपक कपूर ने कहा था कि चीन इस दिशा में तेजी से काम कर रहा है और भविष्य में अंतरिक्ष ही हाई मिलिट्री ग्राउंड होगा। इसके बाद 2012 में रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के तत्कालीन प्रमुख वीके सारस्वत ने कहा था कि लो अर्थ आॅर्बिट में दुश्मन के उपग्रहों को मार गिराने के मकसद से एंटी सैटेलाइट हथियार बनाने के लिए भारत के पास पूरी तैयारी है।
रक्षा सूत्रों के मुताबिक भारत ने यह क्षमता वर्ष 2012 में ही हासिल कर ली थी जब अग्नि-5 मिसाइल का परीक्षण किया गया था लेकिन राजनीतिक इच्छाशक्ति की वजह से इसके परीक्षण की अनुमति नहीं दी गई थी। वर्ष 2007 में चीन के एक सैटलाइट के मार गिराने के बाद भारत पर यह दबाव बढ़ गया था कि वह इस क्षमता को हासिल करे। भारत ने ‘मिशन शक्ति’ कोडनेम के जरिए इस मिसाइल का बालासोर में सफल परीक्षण किया। भारत यह पूरी क्षमता अपने दम पर हासिल की है।

India targets the satellite at a height of 300 km in space, making it the fourth country to do so.
India targets the satellite at a height of 300 km in space, making it the fourth country to do so.

दुनिया में 69 साल से एंटी सैटेलाइट टेक्नोलॉजी पर काम हो रहा
एंटी सैटेलाइट टेक्नोलॉजी अमेरिका-रूस के बीच के कोल्ड वॉर के दौर से है। यह ऐसा हथियार है, जिन्हें मुख्य रूप से अंतरिक्ष में दुश्मन देशों की सैटेलाइट को नष्ट करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इस तरह के हथियार विकसित करने की शुरूआत अमेरिका ने 1950 में की थी। 1960 में रूस (उस वक्त सोवियत यूनियन) ने भी इस पर काम शुरू कर दिया था। कोल्ड वॉर के दौरान अमेरिका और रूस ने इस तरह के हथियार बनाए, लेकिन उत्पादन ज्यादा बड़े पैमाने पर नहीं किया गया। आज अमेरिका का 80% कम्युनिकेशन और नेविगेशन सिस्टम सैटेलाइट पर ही आधारित है और अमेरिका इन्हीं सैटेलाइट की मदद से पूरी दुनिया पर नजर रखता है।

मोदी ने देश को किया संबोधित
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत ने अपना नाम अंतरिक्ष इतिहास में दर्ज करा लिया है। भारत ने तीन मिनट में अंतरिक्ष में लो अर्थ आॅर्बिट (एलईओ) में सैटेलाइट को मार गिराया। यह उपलब्धि हासिल करने वाला भारत दुनिया का चौथा देश है। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने के बाद यह पहला मौका था, जब मोदी ने देश को संबोधित किया। 8 नवंबर 2016 को मोदी ने अचानक देश को संबोधित कर नोटबंदी का ऐलान किया था।

मोदी ने दिखाई राजनीतिक इच्छाशक्ति
पीएम नरेंद्र मोदी ने बताया, ‘कुछ ही समय पहले हमारे वैज्ञानिकों ने 300 किलोमीटर दूर ‘लो अर्थ आॅर्बिट’ में एक सैटेलाइट को मार गिराया। यह आॅपरेशन महज तीन मिनट में ही पूरा किया गया। मिशन शक्ति नाम का यह आॅपरेशन बेहद कठिन था, जिसमें बहुत उच्च कोटि की तकनीकी क्षमता की जरूरत थी। वैज्ञानिकों ने सभी निर्धारित लक्ष्य और उद्देश हासिल किए। यह गर्व की बात है।’ हालांकि अब भारत को विदेशी आलोचना का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि पीएम मोदी ने स्पष्ट किया है कि यह केवल भारत रक्षा करने के लिए है।

‘अब तक 3 देशों को यह उपलब्धि हासिल थी’
प्रधानमंत्री ने कहा, ह्यह्यआज 27 मार्च, कुछ ही समय पूर्व भारत ने एक अभूतपूर्व सिद्धि हासिल की है। भारत ने आज अपना नाम अंतरिक्ष महाशक्ति यानी स्पेस पावर के रूप में दर्ज करा दिया है। अब तक दुनिया के तीन देश- अमेरिका, रूस और चीन को यह उपलब्धि हासिल थी। अब भारत चौथा देश है, जिसने आज यह सिद्धी प्राप्त की है। हर हिंदुस्तानी के लिए इससे बड़े गर्व का पल नहीं हो सकता। कुछ ही समय पूर्व हमारे वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में 300 किलोमीटर दूर एलईओ में एक लाइव सैटेलाइट को मार गिराया है।

चीन को टक्कर देगा यह मिसाइल
वर्ष 2007 में अंतरिक्ष में एक सैटलाइट को मार गिराने के बाद चीन ने अब इतनी क्षमता हासिल कर ली है कि वह अंतरिक्ष में किसी भी मिसाइल को मार गिरा सकता है। यही नहीं चीन ने अब सैटलाइट को अंधा करने की भी क्षमता हासिल कर ली है। इससे चीन के क्षेत्रों में अब विदेशी सैटलाइट निगरानी नहीं कर पाएंगे। युद्ध के समय चीन को इससे बढ़त मिल जाएगी। इसी खतरे को देखते हुए भारत ने इस मिसाइल सिस्टम का परीक्षण किया है।

अग्नि मिसाइल और एएडी का मिश्रण है एसैट
रक्षा विश्लेषकों के मुताबिक ऐंटि सैटलाइट ए-सैट मिसाइल सिस्टम अग्नि मिसाइल और अडवांस्ड एयर डिफेंस (अअऊ) सिस्टम का मिश्रण है। भारत ने वर्ष 2012 के आसपास ही इन दोनों को मिलाकर अपना ऐंटि सैटलाइट ए-सैट मिसाइल सिस्टम बना लिया था लेकिन राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी की वजह से इसका परीक्षण नहीं कर रहा था। हालांकि मोदी सरकार ने राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाई और परीक्षण को अपनी अनुमति दी।

भारत ने किसी संधि का नहीं किया उल्लंघन
अंतरिक्ष विज्ञानी अजय लेले के मुताबिक यह सैटलाइट संभवत भारत का ही रहा होगा। बेकार हो गया होगा, उसे पहचाना गया और फिर सफलता से गिराया गया। अंतरिक्ष के लिए आउटर स्पेस ट्रिटी है। इसके तहत आप अंतरिक्ष में हथियारों का परीक्षण नहीं कर सकते हैं। भारत ने किसी संधि का उल्लंघन नहीं किया। 2007 में चीन ने भी ऐसा किया था। स्पेस में इससे काफी कचरा फैला था। भारत का परीक्षण कम ऊंचाई पर हुआ है, इसलिए अनुमान है कि गुरुत्वाकर्षण बल के कारण यह नीचे गिरकर नष्ट हो जाएगा।

बीजेपी ने पीएम की तारीफ की, विपक्षी दलों का निशाना, राहुल ने कसा तंज
पीएम नरेंद्र मोदी ने आज देशवासियों को अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की उपलब्धि की जानकारी दी। आॅपरेशन मिशन शक्ति के तहत लो अर्थ आॅर्बिट में एक सैटलाइट को मार गिराया है। अंतरिक्ष में 300 किलोमीटर की दूरी पर सैटलाइट को मार गिराने के इस अभियान की सफलता पर बीजेपी नेता पीएम मोदी और देशवासियों को बधाई दे रहे हैं। दूसरी तरफ विपक्षी दल इस कामयाबी के लिए वैज्ञानिकों की तारीफ कर रहे हैं, लेकिन टीवी संबोधन के लिए पीएम मोदी की आलोचना भी कर रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी इशारों में पीएम पर तंज कसा है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अंतरिक्ष में भारत की ताकत बढ़ने की बात करते हुए ट्वीट किया, ‘ऐतिहासिक ‘मिशन शक्ति’ को सफल बनाने के लिए हमारे वैज्ञानिकों और देश की जनता को बधाई। हमने एक लो आॅर्बिट सैटेलाइट को मार गिराया है, जिसका मतलब है कि हम देश पर आने वाले किसी भी प्रकार के खतरे के लिए तैयार हैं।’ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने डीआरडीओ को शुभकामनाएं देते हुए ट्वीट में पीएम मोदी पर इशारों में हमला किया। राहुल ने ट्वीट करते हुए कहा, ‘वेल डन डीआरडीओ, आपकी इस उपलब्धि पर हमें बहुत गर्व है। मैं प्रधानमंत्री को वर्ल्ड थिअटर डे की बहुत-बहुत बधाई देना चाहता हूं।’ उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम ने इस मिशन के लिए वैज्ञानिकों की तारीफ की, लेकिन पीएम मोदी पर देश के मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया। अखिलेश यादव ने ट्वीट किया, ‘आज नरेंद्र मोदी ने टीवी पर अपने लिए एक घंटे का समय आरक्षित कर लिया और आकाश की तरफ इशारा करते हुए देश का ध्यान जरूरी मुद्दों रोजगार, ग्रामीण संकट, महिला सुरक्षा से हटा दिया। डीआरडीओ, इसरो को बधाई- यह सफलता आपकी है। शुक्रिया भारत को और सुरक्षित बनाने के लिए।’

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी मिशन की सफलता के लिए वैज्ञानिकों की सराहना की, लेकिन पीएम मोदी पर वार करने से नहीं चूके। सुरजेवाला ने ट्वीट किया, ‘डीआरडीओ को मिशन शक्ति की सफलता के लिए बधाई! आज उसी लक्ष्य को पाया गया जिसकी नींव 2012 में यूपीए सरकार के दौरान रखी गई थी। स्पेस तकनीक के क्षेत्र में भारत अग्रणी देश है, जिसकी शुरूआत पंडित नेहरू और विक्रम साराभाई के नेतृत्व में रखी गई थी। भारत के लिए आज गर्व का दिन है!’

जेटली ने कहा- झूठी पीठ थपथपा रहे हैं कांग्रेस
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा, “आज हमारे देश के लिए एतिहासिक दिन है। हमारे वैज्ञानिकों के लिए विशेष रूप से जिन्होंने आज वो क्षमता हासिल की, जो सिर्फ 3 देशों के पास है। ये क्षमता एंटी मिसाइल की, जो आॅर्बिट में किसी भी सैटेलाइट को टारगेट करने की क्षमता रखते हैं। इसके लिए सभी वैज्ञानिक और शोध की संस्थाएं सभी अभिनंदन के पात्र हैं। ये बहुत समय से हमारे वैज्ञानिकों की इच्छा रही थी, उनका कहना था कि उनके पास ऐसी क्षमताएं हैं, लेकिन भारत सरकार हमें अनुमति नहीं देती। इसलिए हम इस ताकत को बनाने में असमर्थ हैं।
जेटली ने कहा, “कुछ कांग्रेसी मित्र जो अपनी पीठ थपथपा रहे हैं। जब अग्नि 5 लॉन्च हुआ था, अप्रैल 2012 में इसकी घोषणा हुईं। डीआरडीओ के जनरल डायरेक्टर वीके सारस्वत ने कहा कि हममें वो क्षमता है कि एंटी सैटेलाइट मिसाइल तैयार करें, लेकिन सरकार परमिशन नहीं देती। इसकी पूरी प्रक्रिया 2014 के बाद शुरू हुई, जब प्रधानमंत्री ने अनुमति दी और हमारे वैज्ञानिकों ने इसे अंतिम रूप दिया।”

अखिलेश और मायावती ने दी वैज्ञानिकों को बधाई, मोदी पर साधा निशाना
देश की अंतरिक्ष में उपलब्धि पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा अध्यक्ष मायावती ने वैज्ञानिकों को बधाई तो दी है लेकिन, चुनाव के समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इसकी घोषणा और श्रेय लेने पर निशाना साधा है। मायावती ने तो चुनाव आयोग से इसे संज्ञन लेने की बात कही है। अंतरिक्ष में मिशन शक्ति की सफलता पर मायावती ने ट्वीट किया कि ‘भारतीय रक्षा वैज्ञानिकों द्वारा अंतरिक्ष में सैटेलाइट मार गिराये जाने का सफल परीक्षण करके देश का सिर ऊंचा करने के लिए अनेकों बधाई लेकिन, इसकी आड़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चुनावी लाभ के लिये राजनीति करना अतिनिंदनीय है। चुनाव आयोग को इसका सख्त संज्ञान अवश्य लेना चाहिए।’

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आसमान की ओर इशारा करके टीवी और देश का ध्यान एक घंटे तक जमीन के मुद्दों बेरोजगारी,गांवों की समस्या और महिला सुरक्षा से दूर करने में लगा दिया। उन्होंने इसरो को इस मिशन की सफलाता श्रेय देते हुए कहा कि यह सफलता आपकी है। भारत को सुरक्षित बनाने के लिए धन्यवाद।