पति, ससुर और चार देवर 48 घंटे बंधक बनाकर करते रहे सामूहिक दुष्कृत्य

Husband, father-in-law and four-day hostage for 48 hours

11 लाख रुपए न देना पड़ें इसलिए कोर्ट से राजीनामा कर पीड़िता को ले गए थे आरोपी
ग्वालियर। पत्नी को गुजारा भत्ता के 11 लाख रुपए न देना पड़े, इसलिए कोर्ट से राजीनामा कर पति उसे घर ले जाने के बजाय होटल ले पहुंचा। होटल के रूम में पत्नी को 48 घंटे तक बंधक बनाकर पति, ससुर और चार देवरों ने कई बार सामूहिक दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपियों ने उसका मानसिक संतुलन खराब करने के लिए आंख, होंठ व रीढ़ की हड्डी में नशे के इंजेक्शन लगवाए। घटना 7 से 9 फरवरी के बीच पड़ाव स्थित होटल जस्ट क्लिक की है। दिखावे के लिए महिला को एक अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से पुलिस की मदद से 14 फरवरी को पिता ने बेटी को मुक्त कराया। रविवार को पीड़िता की हालत में सुधार के बाद पड़ाव थाना पहुंची। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

डबरा के श्रीराम कॉलोनी निवासी 24 वर्षीय रानी (परिवर्तित नाम) की शादी 14 फरवरी 2015 को गोल पहाड़िया निवासी हरीश कुमार (परिवर्तित नाम) के साथ हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद से ही ससुराल पक्ष ने स्कॉर्पियो की डिमांड के साथ परेशान करना शुरू कर दिया। लगातार प्रताड़ना से तंग आकर युवती के परिजन 12 जनवरी 2016 को उसे अपने घर लेकर आए। पति, सास-ससुर, देवर व ननद पर दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कराया।

साथ ही गुजारा भत्ता के लिए कोर्ट में केस किया। 7 फरवरी को कुटुम्ब न्यायालय में 11 लाख रुपए ससुराल पक्ष द्वारा पीड़िता को भरण-पोषण के लिए देने की बात सुनकर ससुराल पक्ष ने बहू को अच्छी तरह रखने का आश्वासन देकर राजीनामा किया। पति उसे यह विश्वास दिलाकर साथ ले गया कि अब कभी परेशान नहीं करेगा। परिवार ने भी सोचा कि बेटी का घर वापस बसता है तो कोई परेशानी नहीं है।

होटल लेकर पहुंचे पहले शराब पी फिर किया दुष्कर्म
रानी को पति गोल पहाड़िया घर न ले जाते हुए पड़ाव थाना स्थित होटल ले पहुंचा। यहां रूम नहीं मिलने पर वह अपने ही रिश्तेदार के होटल जस्ट क्लिक में ले आया। यहां रूम में पत्नी को ले गया। कुछ देर बाद युवती के ससुर, चार देवर भी वहां आ गए। पीड़िता नहीं समझ पाई कि वह क्या करने वाले हैं। वहीं रूम में सभी ने शराब पीना शुरू कर दिया। इसके बाद पति ने सभी के सामने पीड़िता से गलत काम किया। उसके बाद ससुर व चार देवरों ने उसके साथ बारी-बारी से गलत काम किया। लगातार प्रताड़ना से वह बेहोश हो गई।

अस्पताल में दिए नशे के इंजेक्शन
7 से 9 फरवरी तक पीड़िता को होटल में रखा। 9 को होश आने पर जब उसकी हालत खराब होने लगी तो किसी निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां उसे रखकर उसकी आंख, होंठ व रीढ़ की हड्डी में नशे के इंजेक्शन दिए। ऐसा पीड़िता का आरोप है।

पिता ने कराया आजाद
11 फरवरी को बेटी की तबीयत खराब होने की बात ससुराल पक्ष ने उसके पिता को दी। पिता ने बात कराने के लिए कहा तो कहते रहे अभी सुधार होते ही बात करा देंगे। 13 फरवरी को पिता वीडियो कॉलिंग कराने पर अड़ गया। जब वीडियो कॉलिंग पर बात नहीं कराई तो वह डबरा से आकर बताए पते पर पहुंचे, यहां बेटी नहीं मिली।

इसके बाद 14 फरवरी को पिता ने एसपी से मुलाकात कर परेशानी बताई। वह पुलिस को लेकर अस्पताल पहुंचे तो बेटी भर्ती मिल गई। बेटी की हालत बेहद खराब होने पर उसे दूसरे अस्पताल ले गए, जहां उसका उपचार कराया। रविवार को पीड़िता अपने पिता के साथ पड़ाव थाना पहुंची, जिस पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।