55 दिन में हुए 736 तबादलों पर बोले पूर्व सीएम शिवराज, कहा- बन गया है अराजकता का माहौल

Former CM Shivraj, who spoke on 736 transfers in 55 days, said - has become an environment of chaos

55 दिन में हुए 736 तबादलों पर बोले पूर्व सीएम शिवराज, कहा- बन गया है अराजकता का माहौल

भोपाल। प्रदेश में लगातार हो रहे अफसरों के तबादलों पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अराजकता का माहौल बन गया है, कुसमरिया के कांग्रेस में शामिल होने को ट्रेलर बताने वाले सीएम कमलनाथ के बयान पर भी पलटवार किया है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के मुद्दे पर कमलनाथ सरकार को अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा है कि वह कमलनाथ को कई पत्र लिख चुके हैं, लेकिन अब वह खुद कमलनाथ से मिलेंगे, तब भी अगर किसानों की समस्या दूर नहीं होती है, तो वह आंदोलन करेंगे।

शिवराज ने कहा कि मप्र में किसान बेहाल और परेशान है। धान खरीदी नहीं हो रही है और किसानों का धान खुले में पड़ा है। 40 किलो प्रति बोरी धान लेने के बजाय 41 किलो 200 ग्राम प्रति बोरी धान तौली जा रही है। यहां तक कि धान ही नहीं उड़द से लेकर दूसरी फसल वाला किसान परेशान है। छत्तीसगढ़ सरकार 2500 रु प्रति क्विंटल धान खरीद रही है। शिवराज ने कहा कि वह किसानों के नाम पर कोरी राजनीति नहीं करते हैं।

कांग्रेस के कर्जमाफी पर भी शिवराज सिंह ने कहा कि कर्ज माफी के लिए स्पष्ट नीति सरकार बताए, क्योंकि हर कोई अलग-अलग बात कर रहा है। राहुल गांधी के 10 दिन में मुख्यमंत्री बदलने की बात पर चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा कि अब 60 दिन हो गए हैं, अब तक 6 मुख्यमंत्री बदल जाने चाहिए थे।

‘बीजेपी रसगुल्ला नहीं है जो कांग्रेस खा लेगी’
शिवराज सिंह ने कहा है कि बीजेपी पार्टी कोई रसगुल्ला नहीं है जो कांग्रेस उसे खा लेगी दरअसल, कुसमरिया के कांग्रेस में शामिल होने को ट्रेलर बताने पर शिवराज सिंह ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि पार्टी का कार्यकर्ता पूरी तरीके से अनुशासित और समर्पित है। साथ ही उन्होंने पुलिस अफसरों के बार-बार के तबादलों से अफसरों का मनोबल गिरता है। उन्होंने कहा कि बार-बार तबादलों के जरिए प्रदेश में अराजकता का माहौल बन रहा है और 15 दिन में अफसर को बदल देने से प्रशासनिक व्यवस्था पर बुरा असर पड़ता है।

शिवराज सिंह चौहान ने यह भी कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री कमलनाथ से मिलने का समय मांगा है। वे किसानों के मुद्दे पर मुलाकात कर अपनी बात रखेंगे और प्रदेश में धान खरीदी में किसानों की शिकायतों की जानकारी देंगे। शिवराज ने किसान कर्ज माफी के मामले में कांग्रेस सरकार से स्पष्ट नीति बनाने की मांग की है और 10 दिन में कर्ज माफी के ऐलान पर अमल नहीं होने पर सवाल उठाए हैं।

वहीं कमलनाथ सरकार में वित्त मंत्री तरुण भनोट ने तबादलों पर बयान दिया है कि सरकार बदलती है तो अधिकारी भी बदलते हैं। ऐसा पहली बार किसी राज्य में नहीं हो रहा है। बीजेपी शासनकाल मे भी अधिकारियों के तबादले होते थे। उन्होंने कहा कि सरकार मे कोई सुपर पावर नहीं है। सीएम कमलनाथ 9 बार लगातार सांसद रहे हैं उन्हें किसी सुपर पावर की जरूरत नही है। बता दें कि बीजेपी के दिग्गज नेता रहे रामकृष्ण कुसुमारिया कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। जिस पर छिंदवाड़ा में कमलनाथ ने कहा कि अभी तो ये ट्रेलर है, आगे-आगे देखिए होता है क्या। कमलनाथ के इसी बयान पर शिवराज प्रतिक्रिया दे रहे हैं।