रिश्वत के 50 हजार के बदले किसान ने भैंस लाकर तहसीलदार की जीप से बांध दी

For the bribe 50 thousand rupees, the farmer tied the buffalo to the jeep of the Tehsildar

टीकमगढ़ / खरगापुर। सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार किस हद तक घर कर गया है इसकी बानगी टीकमगढ़ के खरगापुर तहसील कार्यालय में शनिवार को देखने को मिली। यहां जमीन के नामांतरण और बंटवारे के नाम पर किसान से एक लाख रुपए की रिश्वत मांगी गई थी।किसान ने 50 हजार रुपए तो जैसे-तैसे दे दिए लेकिन उसका काम नहीं हुआ। हारकर किसान शेष राशि के बदले अपनी दुधारू भैंस लेकर तहसील कार्यालय पहुंचा और उसे तहसीलदार की जीप से बांध दिया। मामला प्रशासन के पास पहुंचा तो एसडीएम मौके पर पहुंची।

देवपुर निवासी किसान लक्ष्मी यादव नामांतरण और बंटवारे के लिए पिछले 6 माह से परेशान था। जब मांगी गई रिश्वत की शेष राशि का इंतजाम नहीं हुआ तो उसने दुधारू भैंस को तहसील कार्यालय पहुंचकर तहसीलदार की गाड़ी से भैंस बांध दिया। जिसको देखकर वकील, किसान और तहसील के अन्य कर्मचारी अचंभे में पड़ गए। सूचना मिलने पर बल्देवगढ़ एसडीएम वंदना सिंह राजपूत और थाना प्रभारी धर्मेंद्र यादव पुलिस बल के साथ तहसील कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने पूरे मामले में निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।

6 माह से भटक रहा हूं
किसान लक्ष्मी यादव निवासी देवपुर ने बताया कि अपनी खरीदी हुई जमींन की दो रजिस्ट्रियों के परिवर्तन और बंटवारे के लिए उसने तहसीलदार के पास 6 माह पहले फाइल पेश गई थी। लेकिन कुछ नहीं हुआ। किसान ने कहा कि नाम परिवर्तन कराने के एवज में उनसे 50 हजार रुपए ले लिए गए। साथ ही बाद में 50 हजार रुपए उनसे और मांगे गए। 50 हजार रुपए देने में वे विवश हैं, जिससे परेशान होकर उन्होंने अपनीं दुधारू भैंस तहसील कार्यालय लाकर तहसीलदार को सौंप दी है। घटना की जानकारी के बाद मौके पर पहुंची एसडीएम वंदना सिंह राजपूत किसान को आश्वस्त किया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। एसडीएम ने तहसीलदार को तलब किया तो तहसीलदार सुनील वर्मा इस मामले की फाइल ले आए।

जांच के बाद की जाएगी कार्रवाई
मौके पर पहुंचकर पीड़ित किसान की समस्या को सुना गया है। इस मामले में संबंधित अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच में यदि किसी अधिकारी कर्मचारी की लापरवाही मिलती है, तो निश्चित तौर पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वंदना राजपूत, एसडीएम, खरगापुर