नर्मदा घाटी की दो बड़ी योजना का निर्माण 26 फरवरी से

मुख्यमंत्री कमल नाथ करेंगे भूमि-पूजन
भोपाल। मुख्यमंत्री कमल नाथ 26 फरवरी को नर्मदा घाटी की दो महत्वपूर्ण योजनाओं के निर्माण का भूमि-पूजन करेंगे। दोनों योजनाओं से सम्मिलित रूप से एक लाख 47 हजार हेक्टेयर सिंचाई क्षमता निर्मित होगी। कार्यक्रम में नर्मदा घाटी विकास मंत्री सुरेन्द्र सिंह बघेल विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।

मुख्यमंत्री 26 फरवरी को दोपहर में देवास जिले के सोनकच्छ मण्डी प्रांगण में नर्मदा-कालीसिंध लिंक उद्वहन योजना का भूमि-पूजन करेंगे। लगभग 3490 करोड़ रूपये लागत की इस योजना से जिले की देवास, बागली, हाटपीपल्या, सोनकच्छ और टोंकखुर्द तहसीलों के 241 गाँव का 86 हजार हेक्टेयर रकबा सिंचित होगा। योजना से शाजापुर जिले की अवन्तिपुर बड़ोदिया, पोलायकलां और शाजापुर तहसील के 22 गाँवों की 5978 हेक्टेयर और सीहोर जिले की जावर तहसील के 19 गाँवों को भी लगभग 8 हजार हेक्टेयर में सिंचाई मिलेगी। योजना के जरिये इंदिरा सागर जलाशय से 32.4 क्यूमेक्स जल उद्वहन किया जाकर पाईप लाईन वितरण प्रणाली से प्रत्येक ढाई हेक्टेयर चक तक 20 मीटर दाब पर जल प्रदाय किया जायेगा।

मुख्यमंत्री इसी दिन अपरान्ह में बडवानी जिले के नागलवाड़ी ग्राम में नागलवाड़ी उद्वहन माईक्रो सिंचाई योजना निर्माण का भूमि-पूजन करेंगे। लगभग 1173 करोड़ रूपये लागत की इस योजना से बड़वानी जिले की राजपुर और ठीकरी तहसील के 46 गाँव के 20 हजार 648 हेक्टेयर रकबे और खरगोन जिले की खरगोन और सेगांव तहसील के 70 गाँवों के 26 हजार 352 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलेगी। नर्मदा नदी से विभिन्न चरण में 15 क्यूमेक्स नर्मदा जल का उद्वहन किया जायेगा।

दोनों योजनाओं की विशेषता यह है कि प्रत्येक ढाई हेक्टेयर चक में दाबयुक्त जल मिलने से किसान फौव्वारा पद्धति से सिंचाई कर सकेंगे। भूमि-पूजन कार्यक्रम में दोनों स्थान पर वृहद किसान सम्मलेन में चिकित्सा शिक्षा मंत्री ड़ॉ. विजयलक्ष्मी साधौ, लोक निर्माण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, जल संसाधन मंत्री हुकुम सिंह कराड़ा, गृह मंत्री बाला बच्चन, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री आरिफ अकील, उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी और कृषि मंत्री सचिन यादव भी उपस्थित रहेंगे।