लोकसभा चुनाव में नए चेहरों को मौका देने की तैयारी में कांग्रेस

Congress ready to give chance to new faces in Lok Sabha elections

 मुख्यमंत्री कमलनाथ लगातार कर रहे बैठक
नए चेहरों का मांग रहे फीडबैक

भोपाल। मप्र में विस चुनाव के बाद लोकसभा चुनाव का सियासी पारा गर्म होने लगा है। विस चुनाव की जीत से जहां कांग्रेस उत्साहित नजर आ रही है तो वहीं भाजपा भी दंभ भर रही है। ऐसे में दोनों ही पार्टियां लोकसभा उम्मीदवार के लिए दिग्गजों पर दांव लगाने की रणनीति बना रही हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा सीटें हथिया सकें। ऐसे में कांग्रस भी नई रणनीति पर काम कर रही है और मुख्यमंत्री कमलनाथ भी लगातार बैठकें ले रहे हैं। बैठकों के माध्यम से नाथ लोकसभा सीटों के लिए प्रत्याशी चयन को लेकर फीडबैक ले रहे हैं। माना जा रहा है कांग्रेस इस बार कई नए चेहरों को मौका दे सकती है। यही वजह है कि उन्होंने बैठक में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं से नए चेहरे सुझाने का प्रस्ताव दिया है, ताकि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस अधिक से अधिक सीटों पर फतह हासिल कर सके। गौरतलब है कि मप्र में डेढ़ दशक बाद कांग्रेस की सत्ता में वापसी हुई है, लिहाजा उसके लिए लोकसभा चुनाव काफी अहम है, वहीं दूसरी ओर बीजेपी अपनी पकड़ को किसी भी स्थिति में कमजोर नहीं होने देना चाहती। इन हालातों में दोनों दल राज्य के 29 लोकसभा क्षेत्रों के लिए अभी से फूंक-फूंककर कदम बढ़ा रहे हैं।

नए चेहरों को मिलेगा मौका
लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस काफी गंभीर है और यही वजह है कि कांग्रेस लगातार बैठकें कर रही है। साथ ही कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी मप्र का दौरा कर चुके हैं और दिग्गज नेताओं को 29 सीटों पर फोकस करने का टारगेट दे गए हैं। कांग्रेस में लोकसभा प्रत्याशी चयन को लेकर माथापच्ची का दौर शुरू हो चुका है। ऐसे में पार्टी में आधा दर्जन से अधिक सीटों पर युवाओं को मौका देने का मन बनाया है, ताकि युवाओं के सहारे पार्टी अपनी नैया पार लगा सके। इतना ही नहीं इस बार छिंदवाड़ा से कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ के चुनाव लड़ने की चर्चा जोरों पर है। इसके अलावा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की पत्नी प्रयिदर्शनी राजे सिंधिया भी 18 फरवरी से नौ दिवसीय चुनावी दौरा करने जा रही हैं।

29 सीटों पर फोकस
माना जा रहा है कि कांग्रेस राहुल गांधी के मप्र दौरे के बाद से अब 29 सीटों पर ही फोकस कर रही है और उम्मीदवारों को लेकर भी मंथन होने लगा है। सूत्रों की मानें तो कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के फॉर्मूले के आधार पर चयन करके पार्टी फरवरी अंत तक या मार्च के पहले सप्ताह में सभी सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर सकती है। इसी क्रम में प्रदेश प्रभारी ने संकेत दिए हैं कि मप्र में भी कांग्रेस राहुल गांधी के फॉर्मूले पर काम करेगी। दरअसल, प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया राहुल गांधी के खास माने जाते हैं। विधानसभा चुनाव से पहले राहुल गांधी ने उन्हें मध्य प्रदेश भेजा था। अब लोकसभा चुनावों के लिए भी बाबरिया ने कमर कस ली है। इसी क्रम में उन्होंने कहा कि कांग्रेस सभी 29 सीटों को जीतने का लक्ष्य बना रही है। उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी किसी भी विधायक को लोकसभा के लिए टिकट नहीं देगी। बाबरिया ने बताया कि कांग्रेस फरवरी के आखिरी तक प्रत्याशियों के नाम का ऐलान कर देगी। बाबरिया की यह बात इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि पिछले दिनों राहुल गांधी की भोपाल रैली में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सभी सीटों पर जीत के लिए कार्यकर्ताओं को तैयार रहने के संकेत दिए थे। अब तक प्रदेश में बीस से 24 सीटें जीतने का दम भर रहे कांग्रेस नेताओं ने अब सभी 29 सीटें जीतने का टास्क दिया है।

लगातार दो बार चुनाव हारने वालों को नहीं मिलेगा टिकट
सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में राय बनी कि जो लोग लगातार दो या इससे ज्यादा चुनाव हार चुके हैं, उन्हें टिकट नहीं दिया जाए। फॉर्मूले की दूसरी महत्वपूर्ण राय वर्तमान विधायकों में से किसी को भी टिकट नहीं दिया जाए। फॉर्मूले के तहत तीसरा बिंदू दूसरे राजनीतिक दलों या अन्य क्षेत्रों से चुनाव के पहले आ रहे लोगों से टिकट देने का वादा नहीं किया जाए और उन्हें अंतिम विकल्प के रूप में ही प्रत्याशी बनाया जाए। इसी तरह बैठक में आम राय बनी कि जो भी नेता जिस प्रत्याशी की सिफारिश करता है तो उसके हारने पर सिफारिश करने वाले नेता के रिकॉर्ड में दर्ज किया जाए। भविष्य में चुनाव में उस नेता की सिफारिश के दौरान उस रिकॉर्ड को भी देखा जाए।

भाजपा से पहले प्रत्याशी घोषित करने की तैयारी 
दरअसल, विधानसभा चुनाव में मिली जीत से उत्साहित कांग्रेस अब लोकसभा चुनाव के लिए तैयारियों में जुट गई है। प्रत्याशी चयन को लेकर कवायद तेज हो गई है। पार्टी भाजपा से पहले अपने प्रत्याशी घोषित करने की तैयारी में है। जिस प्रकार विधानसभा चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव को उतारा गया था, उसी तरह लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस किसी भी सीट पर भाजपा को वॉकओवर नहीं देगी। अब तक इंदौर, भोपाल, विदिशा जैसी सीटों पर अभी तक भाजपा को वॉकओवर मिलता आया है, लेकिन इस बार सभी 29 सीटों पर पार्टी जिताऊ और दमदार चेहरे उतारने की तैयारी कर रही है। लोकसभा चुनाव मई में होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के फॉर्मूले के आधार पर चयन करके पार्टी फरवरी अंत तक अपने प्रत्याशी घोषित कर सकती है। वह भाजपा से मनोवैज्ञानिक रूप से बढ़त लेना चाहती है। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी दीपक बावरिया के मुताबिक पार्टी इसकी तैयारी कर रही है। 15 फरवरी को कांग्रेस नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद का एक दल लोकसभा चुनाव को लेकर प्रदेश में आएगा।

चार बिंदुओं को बनाया जाएगा आधार
सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी के भोपाल प्रवास के बाद मुख्यमंत्री निवास में प्रत्याशी चयन के फॉर्मूले पर मंथन हुआ है। इस बैठक में प्रत्याशी चयन के लिए फॉर्मूले पर सहमति बनी है। फॉर्मूले के तहत चार बिंदुओं के आधार पर उम्मीदवार का नाम फाइनल किया जाएगा।