लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के पास नए चेहरों का संकट

Congress ready to give chance to new faces in Lok Sabha elections

लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के पास नए चेहरों का संकट
विधानसभा चुनाव में कम अंतर से हारने वाले उम्मीदवारों पर दांव लगाने पर विचार

भोपाल। विधानसभा की तरह ही लोकसभा में अपना प्रदर्शन दोहराने के लिए कांग्रेस ने आम चुनाव की तौयारियां शुरू कर दी हैं। पार्टी बीजेपी का लोकसभा चुनाव में सूपड़ा साफ करने का इरादा कर रही है। लेकिन ये इतना आसान होता नजर नहीं आ रहा। कांग्रेस के पास लोकसभा चुनाव में उतारने के लिए नए चेहरे नहीं है। उम्मीदवारों का चयन पार्टी के लिए एक बड़ी चुनौति है। इसलिए कांग्रेन नेता विधानसभा चुनाव में कम अंतर से हारने वाले उम्मीदवारों पर दांव लगाने का विचार कर रही है।
लोकसभा चुनाव अप्रैल और मई में होने की आशंका है। 29 लोकसभा सीटों में से कांग्रेस के खाते में सिर्फ तीन सीट हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया गुना से सांसद चुने गए थे, सांसद और मुख्यमंत्री कमलनाथ छिंदवाड़ा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। रतलाम सीट से उप चुनाव में कांतिलाल भूरिया ने चुनाव जीता था। 2014 में मोदी लहर के चलते बीजेपी को एमपी से भारी जीत मिली थी। पार्टी की झोली में 29 में से 27 सीट आईं थी। बाद में वह रतलाम सीट उप चुनाव में हार गई थी। लेकिन इन पांच सालों में समीकरण बदले हैं। कई बीजेपी सांसदों ने चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा की है। इससे बीजेपी के सामने भी संकट है।

सूत्रों के मुताबिक आम चुनाव में भाजपा को कड़ी टक्कर देने के लिए कांग्रेस को भी उम्मीदवारों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी अब उन नेताओं पर नजर रख रही है, जिन्हें हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में हार का सामना करना पड़ा। पूर्व विपक्ष के नेता, अजय सिंह, जो चुरहट से विधानसभा चुनाव हार गए, वे सतना सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। इस सीट से र्तमान में भाजपा के गणेश सिंह द्वारा प्रतिनिधित्व करते हैं। 2014 के चुनावों में गणेश सिंह ने सतना निर्वाचन क्षेत्र से अजय सिंह को 8,688 मतों के अंतर से हराया था।

वहीं, ग्वालियर लोकसभा सीट से भी कांग्रेस किसी कद्दावर नेता की तलाश कर रही है। इस सीट पर केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर सांसद हैं। पूर्व विधायक और कांग्रेस के कद्दावर नेता रामनिवास रावत इस सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। पार्टी उनपर निहागें बनाए हुए है। वह हाल ही में विधानसभा चुनाव में विजयपुर सीट से हारे हैं।

मुकेश नायक को दमोह से सांसद प्रह्लाद पटेल के खिलाफ उतारने पर विचार

पार्टी पवई के पूर्व विधायक मुकेश नायक को दमोह से सांसद प्रह्लाद पटेल के खिलाफ उतारने पर विचार कर सकती है। सागर सीट के लिए, कांग्रेस सांसद लक्ष्मीनारायण यादव को टक्कर देने के लिए ब्राह्मण चेहरे की तलाश कर रही है। टीकमगढ़ निर्वाचन क्षेत्र को अपने पाले में लाने के लिए – वर्तमान में भाजपा सांसद वीरेंद्र कुमार खटीक द्वारा प्रतिनिधित्व किया जाता है। डॉ. विक्रम चौधरी जो लोकतांत्रिक जनता दल के नेता हैं उन्हें कांग्रेस यहां से उतार सकती है। वह हाल ही में जतारा विधानसभा सीट से हार गए थे। हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में, कांग्रेस समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन करने में विफल रही थी, लेकिन लोकतांत्रिक जनता दल के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ा था।

कांग्रेस फिर से चुनावों के लिए जेडीयू के साथ गठबंधन कर सकती है और नेता डॉ. चौधरी को खटिक के खिलाफ मौका दे सकती है। केंद्रीय मंत्री और विदिशा की सांसद सुषमा स्वराज ने पहले ही चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान कर दिया है, इसलिए बीजेपी हर तरह से पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को चुनाव मैदान में उतार सकती है। कांग्रेस के लिए पूर्व मुख्यमंत्री चौहान को चुनौती देने के लिए उम्मीदवार ढूंढना कठिन होगा, जिन्होंने 58999 वोटों के अंतर से अपने विधानसभा क्षेत्र को जीता था।