मिशन 2019 के लिए भाजपा और कांग्रेस ने बनाया प्लान

The 2019 general election to be the most expensive in the world

भोपाल। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव के बाद अब मिशन 2019 के संग्राम की तैयारी तेज़ हो गई है.कांग्रेस जीत के उत्साह और बीजेपी हार के सबक के साथ लोकसभा चुनाव मैदान में उतरेगी. दोनों दल अब ज़रूरी जमावट में जुटे हैं.

विधानसभा चुनाव में हार-जीत के मंथन के बीच अब मिशन 2019 की तैयारी शुरू हो गई है.बीजेपी ने हालिया चुनाव की हार के बाद लोकसभा चुनाव फतह करने के लिए अभी से प्लान पर काम शुरू कर दिया है, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के करीबी स्वतंत्र देव सिंह और सतीश उपाध्याय को मध्यप्रदेश का चुनाव प्रभारी बनाया है. वहीं चुनाव की ज़मीनी रणनीति तैयार करने के लिए हर संसदीय सीट पर अठारह सदस्यों की टीम तैनात करने की तैयारी है.बीजेपी की कोशिश है कि 2014 के मुकाबले इस बार सभी 29 सीटों पर जीत का परचम लहराया जा सके.चुनाव की तैयारी पर अमित शाह आज प्रदेश के सांसदों के साथ बैठक कर रणनीति बना रहे हैं.

वहीं विधानसभा चुनाव की जीत से उत्साहित कांग्रेस भी बीजेपी को कड़ी टक्कर देने के प्लान पर काम कर रही है. कांग्रेस ने इस बार लोकसभा की 29 में से बीस सीटें जीतने का प्लान तैयार किया है.इसके लिए कमलनाथ के प्लान पर ही पार्टी काम कर रही है.सीएम कमलनाथ ने सभी मंत्रियों को प्रजेंटेशन देने के लिए कहा है. विधानसभा चुनाव में सर्वे के आधार पर टिकट देने वाली कांग्रेस अब लोकसभा चुनाव में भी सर्वे के आधार पर ही प्रत्याशी चुनेगी.

विधानसभा चुनाव 2014 के नतीजों की बात करें तो मोदी लहर में कांग्रेस ताश के पत्तों की तरह बिखर गई थी. प्रदेश में कांग्रेस को सिर्फ दो सीटें मिली थीं. अब बदले सियासी माहौल में कांग्रेस को जहां 2014 के नतीजों के पलट बेहतर नतीजों की आस है.बीजेपी भी विधानसभा चुनाव की हार से उबर कर पिछले चुनाव के नतीजे कायम रखने की तैयारी में जुट रही है.