भोपाल में एक दर्जन कुत्‍तों ने छह साल के मासूम को 50 मीटर तक घसीटा, नोच-नोच कर मार डाला

A dozen dogs dragged a six-year-old innocent to 50 meters in Bhopal, scandalously

भोपाल। अवधपुरी इलाके में शुक्रवार शाम एक हृदय विदारक घटना सामने आई। छह वर्षीय मासूम पर दर्जनभर आवारा कुत्ते झपट पड़े और उसको करीब पचास मीटर तक घसीटते हुए नाले के पास ले गए। कुत्तों ने नोच-नोच कर बच्चे को मार डाला। इस बीच बच्चे की मां उसे ढूंढती हुई नाले पर पहुंची और उसने अपने बच्चे को बचाने की कोशिश की तो कुत्ते महिला पर भी झपट पड़े। उसने पति और आसपास के लोगों को बुलाया और बच्चे को लहूलुहान हालत में अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां उसे डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। बच्चे की मौत के बाद उसकी मां की हालत बिगड़ गई है। इधर, घटना के बाद पुलिस का अमानवीय चेहरा भी सामने आया। बच्चे की मौत की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मां को कमरे से बाहर कर देर रात तक उसका पंचनामा करती रही।

जानकारी के अनुसार रिगल टाउन के पीछे शिव संगम नगर में सोडरपुर सिलवानी रायसेन के रहने वाला हरिनारायण जाटव अपनी पत्नी सवित्री , बेटा संजू (6), पिंकी (6), गुड्डी (1 माह ) किराये से रहता है। वह एक टेंट हाउस में काम करता है। शाम को करीब साढ़े पांच बजे उसका छह वर्षीय बेटा संजू मां सवित्री से खेलने का बोलकर घर से निकला था। शाम छह बजे जब संजू के पिता हरिनारायण घर पहुंचे तो संजू उनको घर में नजर नहीं आया तो उन्होंने अपनी पत्नी से बच्चे को बुलाने को कहा।

बेटे को नोंचे रहे थे दर्जनभर कुत्ते
मैं छह बजे के करीब घर पहुंचा तो संजू मुझे घर पर नजर नहीं आया तो मैंने अपनी से उसके बारे में पूछा तो उसने मुझे बताया कि वह खेलने गया है। मैंने कहा उसे बुलाकर ले आओ। वह जब उसको ढूंढने गई तो घर से पचास मीटर दूर कुत्तों को झुंड उसको नोंच रहा था। वह जमीन पर पड़ा था, कुत्ते उसका मांस नोंच रहे थे। मेरी पत्नी सवित्री ने उसको बचाने की कोशिश की तो वह उस पर झपट पड़े। उसने आसपास के लोगों को बुलाया, तब तक मैं भी दौड़कर पहुंच। कुत्तों को किसी तरह से हटाकर लहलुहान हालत में संजू को लेकर निजी अस्पताल में लेकर पहुंचा। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। बेटे के शरीर पर बहुत सारे घाव थे।

मां से कहा था लौटकर रोटी के लड्डू खाउंगा
मासूम संजू घर से खेलने के निकलते समय मां से कहकर गया था कि खेलने के आने के बाद नहाउंगा और फिर रोटी के मलीदा के लड्डू खाउंगा। जबकि संजू ने दोपहर एक बजे पिता हरिनारायण के साथ दाल रोटी चावल खाया था। बेटे के आखरी शब्द सोच-सोचकर मां अपने इकलौते बेटे की याद में दहाड़े मारकर रो रही थी। आस-पड़ोस के लोग उसको ढाढंस बंधा रहे थे, लेकिन कलेजे के टुकड़े के लिए मां के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।