मप्र में 5 करोड़ 14 लाख मतदाता करेंगे लोकसभा चुनाव में मतदान

5 crore 14 lakh pengundi akan mengundi dalam pilihan raya Lok Sabha

इंदौर में सर्वाधिक वोटर
भोपाल। लोकसभा चुनाव में पांच करोड़ 14 लाख दो हजार 20 मतदाता मतदान करेंगे। सबसे ज्यादा 23 लाख 17 हजार 191 मतदाता इंदौर संसदीय क्षेत्र में हैं तो सबसे कम 15 लाख पांच हजार 267 छिंदवाड़ा लोकसभा में। एक हजार पुरुषों पर सबसे ज्यादा 997 महिलाएं बालाघाट लोकसभा में हैं तो सबसे कम 823 भिंड संसदीय क्षेत्र में। मतदान केंद्रों के हिसाब से सबसे बड़ा संसदीय क्षेत्र मंडला है तो सबसे छोटा सतना। 2014 के लोकसभा चुनाव की तुलना में इस बार मतदाताओं की संख्या 33 लाख 46 हजार 679 बढ़ी है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने लोकसभा चुनाव के लिए मतदाता सूची तैयार कर अंतिम प्रकाशन कर दिया है। हालांकि, पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने का सिलसिला नामांकन के दस दिन पहले तक चलता रहेगा। नाम हटाने की प्रक्रिया चुनाव की घोषणा के साथ ही रुक जाएगी।

अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संदीप यादव ने बताया कि दो और तीन मार्च को दो दिन का विशेष शिविर मतदान केंद्रों में लगाया जाएगा। इसमें पात्र व्यक्ति नाम जुड़ने के लिए अपना आवेदन कर सकते हैं। मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण में नाम जोड़ने के लिए 17 लाख 26 हजार 495, नाम हटाने सात लाख 35 हजार 258, नाम व फोटो में सुधार के लिए चार लाख 86 हजार 415 और एक ही विधानसभा क्षेत्र में निवास का स्थान को बदलवाने के लिए एक लाख दो हजार 29 आवेदन मिले थे। नाम जोड़ने के आवेदनों में करीब 38 हजार और नाम हटाने के प्रकरण में एक-डेढ़ हजार आवेदन निरस्त कर बाकी को मान्य कर लिया गया। चुनाव के लिए आयोग ने कलेक्टरों को रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किया गया है।

स्ट्रांग रूम में जैमर लगाएं
मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन करने के बाद मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की गई। इसमें उन्हें मतदाता सूची के बारे में पूरी जानकारी दी गई। इस दौरान कांग्रेस प्रवक्ता जेपी धनोपिया ने कहा कि जिन अधिकारियों को बीते विधानसभा चुनाव में हटाया गया था, उन्हें लोकसभा चुनाव से भी दूर रखा जाए। इनकी पदस्थापना न की जाए। स्ट्रांग रूम में जैमर लगाए जाएं।

मतदाता सूची में कोई डुप्लीकेट नाम न हो, इसके लिए सॉफ्टवेयर चलाकर जांच की जाए। हमें पूरे प्रदेश में चुनावी सामग्री भेजनी होती है, इसके लिए पूरे प्रदेश के लिए वाहन की अनुमति दी जाए। इस दौरान भाजपा के शांतिलाल लोढ़ा सहित अन्य दलों के पदाधिकारी मौजूद थे।