फिर पुराने फ्लॉप कार्यक्रमों के सहारे लोकसभा चुनाव में दांव लगाने की तैयारी में भाजपा

Before the Lok Sabha elections, the report of the union increased the tension of the BJP

भाजपा फिर पुराने फ्लॉप कार्यक्रमों के सहारे लोकसभा चुनाव में दांव लगाने की तैयारी में

भोपाल। भाजपा संगठन ने जिन पार्टी कार्यक्रमों के सहारे प्रदेश में विधानसभा चुनावों में जीत की योजना तैयार की थी, वह फ्लॉप साबित होने के बाद भी एक बार फिर से भाजपा लोकसभा चुनाव में जीत के लिए इन्हीं कार्यक्रमों पर दाव लगाने जा रही है। अंतर सिर्फ इतना है कि इनमें से कुछ के नामों में आंशिक बदलाव किया गया है। खास बात यह है कि कुछ कार्यक्रम तो पार्टी कार्यकतार्ओं की रुचि न लेने से फ्लॉप रहे तो कुछ को महज कागजी खानापूर्ति कर पूरा किया गया । ऐसे में केंद्रीय संगठन का लोकसभा चुनाव फतह करने तैयार तीन महीने का कार्यक्रम पुरानी किताब पर नए कलेवर जैसा दिख रहा है। अब भाजपा लोकसभा चुनावों की तैयारी को लेकर कुछ नए कार्यक्रम भी बना रही है । इसमें इसमें युवा संसद का आयोजन, कैंपस एम्बेसेडर नेटवर्क योजना, यूथ आइकॉन नेटवर्क, आॅनलाइन स्लोगन, लोगो और जिंगल लेखन प्रतियोगिता, नेशन विद् नमो लेखक सम्मान जैसे कार्यक्रम शामिल किए गए हैं। भाजपा सबसे ज्यादा फोकस ह्यपहला वोट मोदी कोह्ण कार्यक्रम पर करने जा रही है। भाजपा की नजर प्रदेश के 1।37 करोड़ युवा वोटरों पर है। इसमें से लगभग 50 लाख वोटर ऐसे हैं, जो लोकसभा में पहली बार मतदान करेंगे।

कमल दीपक :
भाजपा ने विधानसभा चुनाव के पहले 21 नवंबर को कमल दीपावली मनाते हुए घर-घर कमल दीप जलाने का ऐलान किया था। इस कार्यक्रम के तहत एक करोड़ दीपक जलाने का लक्ष्य तय था। चुनावी गहमा-गहमी में यह कार्यक्रम बुरी तरह फ्लॉप रहा। कार्यकतार्ओं ने इसमें भागीदारी ही नहीं की। अब इस कार्यक्रम को लोकसभा चुनाव के लिए कमल संदेश के नाम से फिर तैयार किया गया है।

मेरा घर-भाजपा का घर :
अब इस कार्यक्रम का नाम बदलकर ह्यमेरा परिवार-भाजपा का परिवारह्ण किया गया है। विधानसभा चुनाव के छह माह पहले चलाया गया यह अभियान सफल नहीं हो पाया था। कई जगह विवाद की स्थिति भी बनी थी।

मोटरसाइकिल रैली
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने 30 जनवरी 2018 को भोपाल में युवाओं मोटरसाइकिल रैली निकालने का ऐलान किया था। इसमें हर बूथ से दो मोटरसाइकिल आना था। एक बार यह कार्यक्रम आगे बढ़ाया गया। उसके बाद युवा मोर्चा ने हाथ खड़े कर दिए तो ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। बाद में युवा मोर्चा ने हर जिला मुख्यालय पर मोटरसाइकिल रैली निकालने का ऐलान किया, लेकिन यह सफल साबित नहीं हुआ।

सैनिक सम्मान
विधानसभा चुनाव के पहले भाजपा ने सैनिक सम्मान कार्यक्रम करने का ऐलान किया। यह कार्यक्रम कुछ स्थानों पर ही हो पाया। सैनिकों पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ा और ना ही वोट तब्दील करने में इसकी सकारात्मक भूमिका रही। इस बार भी भाजपा ने 15 जनवरी से तीन मार्च के बीच सैनिकों के सम्मान के कार्यक्रम बनाए हैं। युवा मोर्चा ने विधानसभा चुनाव के पहले गांवों में खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की थीं। युवा मोर्चा इस आयोजन में सफल रहा, लेकिन चुनाव में भाजपा इसका कोई लाभ नहीं उठा पाई।

टाउन हॉल

 विधानसभा चुनाव के पहले भी युवा मोर्चा ने टाउन हॉल सभाओं का आयोजन किया, लेकिन परिणाम बताते हैं कि भाजपा युवाओं पर कोई असर नहीं छोड़ पाई।

हर बूथ-दस यूथ

 युवा मोर्चा ने हर बूथ-दस यूथ कार्यक्रम चलाया था, लेकिन यह अभियान पूरी तरह से कागजी साबित हुआ। जिन युवाओं को बूथ का जिम्मा दिया गया था, उनमें से अधिकांश नदारद रहे।